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ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना: रामपुर नैकिन से चुरहट रेलखंड पर CRS स्पीड ट्रायल सफल, सीधी जिले का बढ़ा मान

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सीधी/रीवा: विंध्य और आंध्र प्रदेश के विकास को नई सचिवालय योजना वाली ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना में आज का दिन गोल्डनिम अक्षर में दर्ज किया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के निर्माण विभाग जापान के चुरहट रेलखंड (दूरी लगभग 21 किलोमीटर) पर दो दिव्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का गहन निरीक्षण और अंतिम उच्च-स्तरीय रेलवे भर्ती जारी की गई है।
इस महत्वपूर्ण और अंतिम सुरक्षा परीक्षण के सफल होने के बाद अब पोर्टेबल नैकिन से चुरहट के बीच भारतीय रेलवे द्वारा बहुत जल्द ही यात्री रेल सेवाओं का संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लाखों यात्रियों को सीधे लाभ मिलेगा।
18 और 19 अगस्त को हुआ कड़ा परीक्षण सुरक्षा (सीआरएस निरीक्षण)
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रेलवे के आधिकारिक दस्तावेजों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नव-निर्मित रेल पटरियों का दो दिव्य सुरक्षा और तकनीकी परीक्षण कल यानी 18 अगस्त से शुरू हुआ था। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त और उनकी तकनीकी टीम ने दो दिनों तक ट्रैक के कॉर्नर-कोन का आंतरायिक से भुगतान किया। आज, 19 अगस्त को परीक्षण के अंतिम चरण में, पश्चिम मध्य रेलवे के विशेष रूप से डीज़ल डीजल लोकोमोटिव इंजन संख्या 11461 WDM3D के माध्यम से इस ट्रैक पर अंतिम हाई-स्ट्रोक सिस्टम को चलाया गया।
इस ट्रायल के दौरान ट्रेन ने तय मानकों के मुताबिक तेज गति से दौड़ लगाई। जांच दल ने मुख्य रूप से रेलवे ट्रैक्स की सूची, सिग्नलों की फ़्लाइंग फ़्लायर्स, ट्रैक्स के टर्न्स (टर्न-आउट्स), ओवरहेड सुरक्षा और छोटे-बैटरी पुलों की वहन क्षमता का अवलोकन किया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पूरा प्लास्टिक पेट्रोलियम और पूरी तरह से सफल हो रहा है, जो कि इस रूट के लिए एक बड़ी तकनीकी डेटा है।
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मुख्य स्टेशन तक पहुँचने की तैयारी, जनता में भारी उत्साह

मोटरसाइकल नैकिन से चुरहट तक रेलवे लाइन का काम पूरा होना और वहां ट्रेन की आसान दौड़ के लिए सीधी जिले में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। लंबे समय से रेल नेटवर्क से महरूम रहे इस जनजातीय और औद्योगिक रूप से समृद्ध क्षेत्र के लोगों का सपना अब साकार होता दिख रहा है। चुरहट तक स्पीड ट्रायल की खबर यहां के स्थानीय निवासियों और आदिवासियों से मिली है, जिन्होंने खुशी का इजहार किया है।
अब प्रशासन का अगला और सबसे प्राथमिक लक्ष्य चुरहट से आगे बढ़ते सीधे मुख्य रेलवे स्टेशन तक ट्रैक के काम कोस्टर युद्ध पर पूरा करना है। अधिकारियों का कहना है कि चुरहट से मुख्य शहर के बीच भी काम काफी तेजी से चल रहा है और इस खंड को भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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जानिए ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के मुख्य बिंदु
विंध्य के इस महा-परियोजना से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण और खास आंकड़े इस प्रकार हैं, जो इसके महत्वपूर्ण हैं:
कुल बजट और निवेश: इस संपूर्ण महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल बजट लागत ₹10,141 करोड़ से अधिक है, जिस पर केंद्र सरकार द्वारा लगातार बजट रखा जा रहा है।
परियोजना की कुल लंबाई: ललितपुर से सिंगरौली तक इस पूरे रेल नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 541 किलोमीटर है, जो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई उद्यमों में शामिल है।
जीवविज्ञानी और तरंगे: रीवा से सीधे बीच आने वाली चुहिया घाटी और पहाड़ों के लिए टिन रेलवे सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके तहत चल रही लंबी रेल सुरंगों और इंजीनियरिंग पुलों का सिविल कार्य अब अपने अंतिम चरण में है।
फाइनल डेडलाइन: भारतीय रेलवे और रेल मंत्रालय ने संपूर्ण ललितपुर-सतना-रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल परियोजना को दिसंबर 2028 तक हर हाल में पूरी तरह से चालू करने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
आम जनता के लिए कब से शुरू होगी ट्रेन?

वैकल्पिक नैकिन से चर्च के बीच हुई इस स्पीड ट्रायल की विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा जल्द ही रेलवे बोर्ड को सौंपी जाएगी। डिवीज़न अधिकारियों के अनुसार, सीआरएस से नामांकन सुरक्षा सर्टिफिकेट (सुरक्षा प्रमाणपत्र) इस ट्रैक पर नियमित रूप से कम दूरी की यात्रा या मेमू (एमईएमयू) के कार्यान्वयन को हरी झंडी दे देगा। इसके बाद डायरेक्ट डिस्ट्रिक्ट की जनता को रीवा और जनजातीय के लिए एक बेहद सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक साधन मिल जाएगा।

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