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मिलाद-उन-नबी, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी एवं गणेश उत्सव की व्यवस्थाओं की समीक्षा,

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विंध्यभूमि/सीधी।  नबी में आगामी मिलाद-उन-महाराष्ट्र, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी उत्सवों के लिए समुद्री, सुरक्षित एवं शैक्षणिक माहौल में प्रवेश जिले के लिए प्रशासन ने अंतिम रूप दे दिया है। इसी क्रम में नामांकन विकास मिश्रा की बस्ती में जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, साफ-सफाई, सफाई, विद्युत, सुरक्षा और अन्य आवश्यक ढांचे के विस्तार की समीक्षा की गई।

कलेक्टर विकास विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी त्योहारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी तरह से ली जाएं। उन्होंने कहा कि उत्सव उत्साह, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण भाईचारे के साथ मनाए।, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। आयोजन स्थलों, रेस्तरां और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहले से सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है, इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।

मिलाद-उन-नबी के मार्च मार्ग पर विशेष व्यवस्था

मिलाद-उन-नबी के अवसर पर रैली वाले जुलूस को लेकर प्रशासन ने विशेष टेलीकॉम के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जुलूस के लिए मंजूरी मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। मार्च मार्ग की जानकारी संबंधित जानकारी और पुलिस के लिए सबसे पहले उपलब्ध दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

मार्च मार्ग पर सफाई- सफाई, फ़्राईज़, ट्रैफ़िक और सुरक्षा की आवश्यक व्यवस्था करने के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में वैलेंटाइन्स की प्रमाणिकता को बताया गया। भीड़ प्रबंधन को भी आवश्यक लेआउट करने के निर्देश दिए गए हैं।

डेफ़्रोन्शिया पर बाज़ार और बस स्टैंड की निगरानी

डिफेंस फेस्टिवल के दौरान यूक्रेन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए साफ-सफाई, ट्रैफिक और व्यवस्था सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने मिठाई के मानकों की आवश्यक जांच करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की पुष्टि की।

बस स्टैंड पर मित्रता के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्थापन के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जन्माष्टमी पर विशेष सुरक्षा

जन्माष्टमी पर्व के दौरान प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भीड़ देखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए। पौराणिक कथाओं के आसपास साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा की उपयुक्तता को बताया गया है।

भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर उचित पुलिस बल और यातायात व्यवस्था की आवश्यकता है, सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुचारु बनी रहे।

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गणेश उत्सव में सामान और सुरक्षा अनिवार्य

गणेश उत्सव को लेकर किसानों ने विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किये। उन्होंने कहा कि गणेश प्रतिमा स्थापित करने से पहले माप लेना अनिवार्य होगा। प्रत्येक गणेश महोत्सव के आयोजकों को ग्राहकों की सूची उपलब्ध करानी होगी और रात के समय कार्यक्रम की निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।

उद्यमों में फायर फर्म और इलेक्ट्रिक व्यवसाय के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत् विद्युत् व्यवस्था का उपयोग नहीं किया गया तथा विद्युत् व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए विशेष ज़ोर दिया गया।

रजिस्ट्रार विद्युत विभाग, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के लिए गणेश भक्तों का निरीक्षण करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना बताया गया है। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश भी दिये गये हैं।

स्थापित स्थान पर ही होगा गणेश प्रतिमा विसर्जन

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कैसे किया जाए और कहां विसर्जन किया जाए। बेरिकेडिंग, जिप्सी मशीन, अजीवाणु, फ़ामिअम दल और वास्तुशिल्प व्यवस्था पर विस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।

इसके अलावा विसर्जन स्थल पर छाया, प्रिया और सार्वजनिक मनोरंजन प्रणाली की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन के दौरान सुचारु को बनाए रखने के लिए रूटचार्ट के अनुसार व्यवस्थापन करना आवश्यक बताया गया।

कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बच्चों को विसर्जन स्थल से दूर रखा जाए और प्रतिमाओं का विसर्जन दिन के समय ही किया जाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।

त्योहारों से पहले फ़ार्म का होगा परीक्षण

रजिस्ट्रार डेवलपमेंट मिश्रा ने सभी संबद्ध सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने और त्योहार शुरू करने से पहले सभी सहयोगियों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सभी पर्वतीय, सुरक्षित और सांस्कृतिक वातावरण में सोयर्ड हों और किसी भी प्रकार की असमानता का सामना न करना पड़े।

बैठक में अपर रजिस्ट्रार बीपी पांडे, उपखंड अधिकारी गोपद बनास प्रिय पाठक, जिप सदस्य सुजीत कुमार, शांति समिति के सदस्य श्रीकांत आनंद परियानी, राजेंद्र सिंह मिश्रा, रनशेर अली खान, जियारत हुसैन, गोपाल गुप्ता सहित संबद्ध पदाधिकारी मौजूद रहे।

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