
विंध्यभूमि,देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपने करीबी सहयोगी एवं पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद कांग्रेस के दो महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों से हटने की घोषणा की है। रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी सहयोगी से जुड़ा विवाद कांग्रेस की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करे।
रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से हटने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस समय किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए सरकारी पद से इस्तीफे का सवाल नहीं है।
पूर्व OSD के ठिकाने पर ED की कार्रवाई
ED ने 10 सितंबर को उत्तराखंड के 2016 के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में देहरादून के कई ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें हरीश रावत के पूर्व OSD और वर्तमान PA चंदन सिंह जीना का परिसर भी शामिल था। जीना 2014-17 के दौरान रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD रह चुके हैं और बाद में उनके निजी सहायक के रूप में काम करते रहे।
ED के मुताबिक जीना के परिसर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, करीब 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। एजेंसी के अनुसार घड़ियों में Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड शामिल हैं। जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में मौजूद करीब 52.16 लाख रुपये की राशि को भी फ्रीज किया गया है।
ED की कार्रवाई में नकदी, सोना और घड़ियों समेत करीब 1.28 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त/फ्रीज किए जाने की बात भी सामने आई है।
2016 UKSSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच
यह कार्रवाई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। ED के अनुसार जांच उत्तराखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो की चार FIR पर आधारित है।
जांच में आरोप है कि परीक्षा की OMR शीट को सुरक्षित अभिरक्षा से बाहर ले जाकर कथित तौर पर उनमें बदलाव किया गया और कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर की गई। ED अब कथित अपराध से अर्जित धन और उससे जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है।
हरीश रावत ने सहयोगी का बचाव भी किया
ED कार्रवाई के बाद रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में चंदन सिंह जीना का बचाव करते हुए कहा कि वह उन्हें लंबे समय से जानते हैं और उन्होंने सरकार तथा पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
रावत ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि जीना ने OMR शीट से छेड़छाड़ की है तो वह ऐसे कृत्य पर शर्मिंदा होंगे, लेकिन फिलहाल उन्हें इन आरोपों पर विश्वास नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में चुनावी माहौल बनने के बीच उनके सहयोगी के घर ED की दस्तक के जरिए एक राजनीतिक नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि उनकी ओर से किसी तरह की गलती या भूमिका साबित होती है तो कानून को अपना काम करना चाहिए।
चुनावी साल में बढ़ी सियासी हलचल
हरीश रावत का यह फैसला ऐसे समय आया है जब उत्तराखंड की राजनीति आगामी विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रही है। ED की कार्रवाई, करोड़ों की कथित बेहिसाबी संपत्ति की बरामदगी और उसके बाद रावत के कांग्रेस के दो संगठनात्मक पदों से हटने की घोषणा ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल ED की जांच जारी है और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर हरीश रावत के खिलाफ इस मामले में सीधे तौर पर कोई आरोप सिद्ध हुआ है, ऐसा कहना उचित नहीं होगा। कार्रवाई मुख्य रूप से उनके पूर्व OSD/PA चंदन सिंह जीना और 2016 UKSSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी जांच का हिस्सा है।











































