विंध्यभूमि,रीवा, (मध्य प्रदेश): Rewa News-रीवा स्थित सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के हाई-डिपेंडेंसी और संवेदनशील माने जाने वाले सर्जरी वार्ड में बीती देर रात अचानक भारी हंगामा और अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। वार्ड में इलाज करा रहे एक मरीज के साथ आई दो महिलाओं ने ऑन-ड्यूटी तैनात एक महिला डॉक्टर पर जानलेवा हमला करते हुए उनके साथ जमकर मारपीट और बदसलूकी की।
Rewa News,इस घटना की खबर आग की तरह पूरे अस्पताल में फैल गई।
जिसके बाद सुरक्षा और सम्मान की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के सदस्य तुरंत काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरने और अनशन पर बैठ गए हैं।मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग से शुरू हुआ पूरा विवादविस्तृत विवरण के अनुसार, यह घटना रात के उस समय की है जब अधिकांश डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ गंभीर मरीजों की देखरेख में व्यस्त थे। इसी दौरान सर्जरी वार्ड में भर्ती अपने एक परिजन (मरीज) के पास मौजूद दो महिलाएं अपने मोबाइल फोन से वार्ड के भीतर की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग और रील्स बनाने लगीं। अस्पताल के नियमों और मरीजों की गोपनीयता का हवाला देते हुए वहां तैनात महिला डॉक्टर ने उन्हें ऐसा करने से मना किया।डॉक्टर द्वारा वीडियो बनाने पर आपत्ति जताने की बात महिलाओं को इतनी नागवार गुजरी कि वे डॉक्टर से सीधे उलझ गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों महिलाओं ने पहले डॉक्टर के साथ तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज की, और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिलाओं ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर महिला डॉक्टर के साथ हाथापाई शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आए अन्य स्टाफ के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।
अस्पताल परिसर में भारी आक्रोश, रात में ही शुरू हुआ अनशनघटना के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल निर्मित हो गया। साथी डॉक्टर पर हुए इस अप्रत्याशित हमले से बिफरे जूनियर डॉक्टरों ने एकजुट होकर रात में ही काम बंद कर दिया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष डॉक्टर अस्पताल के मुख्य परिसर में जमीन पर बैठकर प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
Rewa News,आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि रात-दिन मरीजों की सेवा में लगे रहने के बावजूद अस्पताल प्रशासन उन्हें एक सुरक्षित कार्य वातावरण देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।जूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांगें और अल्टीमेटम:डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:गैर-जमानती धाराओं में तुरंत एफआईआर: मारपीट में शामिल दोनों आरोपी महिलाओं की पहचान कर उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, डॉक्टर पर हमला करने और महामारी अधिनियम/चिकित्सक सुरक्षा कानून के तहत तुरंत कड़ी धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
24×7 पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था: अस्पताल के हर संवेदनशील वार्ड, विशेषकर इमरजेंसी और सर्जरी विभागों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती चौबीसों घंटे सुनिश्चित की जाए।
संस्थागत सुरक्षा ऑडिट: अस्पताल में असामाजिक तत्वों के प्रवेश को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और तीमारदारों (मरीजों के रिश्तेदारों) की संख्या सीमित की जाए।हड़ताल की चेतावनी से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने का खतराअनशन पर बैठे डॉक्टरों ने अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह सांकेतिक अनशन पूर्ण रूप से अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल में बदल जाएगा।
Rewa News,यदि ऐसा होता है, तो अस्पताल की ओपीडी (OPD), रूटीन सर्जरी और आपातकालीन (Emergency) स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी, जिसका सीधा खामियाजा रीवा और आसपास के जिलों से आने वाले सैकड़ों गरीब मरीजों को भुगतना पड़ सकता है।फिलहाल, पुलिस बल मौके पर तैनात है और अस्पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टरों को समझा-बुझाकर हड़ताल खत्म कराने और आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसने का आश्वासन दे रहे हैं। लेकिन डॉक्टर आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।












































