शिक्षा के साथ संस्कार, धर्म और संस्कृति का संदेश देंगे विघ्नहर्ता श्री गणेश

सीधी। ज्ञान के प्रकाश के साथ जब संस्कारों की सुगंध जुड़ती है, तभी शिक्षा जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए लीला इंटरनेशनल स्कूल में इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना के साथ मनाया जाएगा। विद्यालय परिवार द्वारा प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की भव्य स्थापना की जाएगी, जिन्हें स्नेहपूर्वक “लीला के राजा” नाम दिया गया है।
14 सितंबर को ‘लीला के राजा’ अर्थात भगवान श्री गणेश विद्यालय परिसर में पधारेंगे। उनके आगमन को लेकर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण है। गणपति बप्पा के स्वागत के लिए विद्यालय परिसर को भक्तिमय एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें भारतीय धर्म, संस्कृति, परंपराओं, नैतिक मूल्यों और संस्कारों से जोड़ना भी आवश्यक है। आज के विद्यार्थी ही कल के समाज और राष्ट्र का निर्माण करेंगे, इसलिए उनके भीतर ज्ञान के साथ विवेक, अनुशासन, करुणा, विनम्रता और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना समय की आवश्यकता है।
भगवान श्री गणेश स्वयं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा के महान प्रतीक हैं। उनका स्वरूप हमें अनेक जीवन-मूल्यों की सीख देता है। बड़ा मस्तक अधिक ज्ञान और व्यापक सोच का संदेश देता है, बड़े कान ध्यानपूर्वक सुनने की प्रेरणा देते हैं, छोटी आंखें एकाग्रता का महत्व समझाती हैं और उनका सरल एवं विनम्र स्वरूप अहंकार से दूर रहने की सीख देता है। इस प्रकार गणेश उत्सव बच्चों के लिए मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों की पाठशाला भी बनेगा।
शाम 5 बजे से भजन संध्या एवं पूजन
गणेश स्थापना के अवसर पर 14 सितंबर को शाम 5 बजे से भजन संध्या एवं विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा। भक्तिमय वातावरण में भगवान श्री गणेश की आराधना, पूजन एवं भजनों के माध्यम से श्रद्धालु गणपति बप्पा का गुणगान करेंगे। इस दौरान विद्यालय परिवार द्वारा सभी श्रद्धालुओं के स्वागत की विशेष तैयारियां की जाएंगी।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से क्षेत्र के सभी ईष्ट-मित्रों, अभिभावकों, शुभचिंतकों एवं नगरवासियों से आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवार एवं ईष्ट-मित्रों के साथ अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर ‘लीला के राजा’ भगवान श्री गणेश के दर्शन एवं पूजन का लाभ प्राप्त करें और इस पावन आयोजन को अपनी उपस्थिति से गरिमा प्रदान करें।
विद्यालय परिवार का संदेश है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित करने की प्रक्रिया है। धर्म हमें सही मार्ग दिखाता है, संस्कृति हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और संस्कार हमें उस मार्ग पर चलना सिखाते हैं। इसी विचारधारा के साथ लीला इंटरनेशनल स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
‘लीला के राजा’ का आगमन विद्यालय में ज्ञान, बुद्धि, विवेक, संस्कार और मंगल का संदेश लेकर होगा। गणपति बप्पा के चरणों में विद्यालय परिवार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम चरित्र, सद्बुद्धि और सफलता की कामना करेगा।
आइए, 14 सितंबर की शाम 5 बजे एक साथ मिलकर ‘लीला के राजा’ का स्वागत करें।











































