सिंगरौली

सवालों से घिरीं भाजपा विधायक : सिंगरौली में UGC पर पूछा प्रश्न, तो बिना जवाब दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ उठीं रीति पाठक, वीडियो वायरल.

सिंगरौली में यूजीसी के सवाल पर विधायक रीति पाठक की प्रेस वार्ता

सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और सीधी विधानसभा सीट से विधायक रीति पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सिंगरौली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक स्थानीय पत्रकार ने उनसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़ा नीतिगत सवाल पूछा, तो विधायक असहज हो गईं। उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय प्रेस वार्ता को बीच में ही समाप्त कर दिया और वहां से उठकर चली गईं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं
सिंगरौली में स्थानीय मीडियाकर्मियों के साथ यह चर्चा पूरी तरह सामान्य माहौल में चल रही थी, लेकिन जैसे ही राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर चर्चा में चल रहे यूजीसी (UGC) के नियमों और व्यवस्थाओं का विषय सामने आया, स्थिति बदल गई। पत्रकार ने सीधे शब्दों में पूछा, “मैम, UGC पर आपका क्या कहना है?” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रीति पाठक ने कहा, “इस विषय पर मैं बात नहीं करना चाहूंगी। बाकी आगे की वीडियो, आप खुद देख लीजिए।” इतना कहते ही वे अपनी कुर्सी से खड़ी हो गईं और कमरे से बाहर जाने लगीं, जिस पर पीछे से पत्रकार ने तंज कसते हुए टिप्पणी की, ये पत्रकार वार्ता है बीजेपी की ….इस घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखी बहस छिड़ गई है। आलोचकों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर जनप्रतिनिधि का इस तरह से पल्ला झाड़ना ठीक नहीं है। विपक्ष ने भी इस वीडियो को लेकर सत्तापक्ष पर निशाना साधना शुरू कर दिया है, और आरोप लगाया है कि नीतिगत विषयों और शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के पास कोई स्पष्ट दृष्टिकोण या जवाब नहीं होता है।राजनीतिक रूप से यह मामला इसलिए भी अधिक तूल पकड़ रहा है क्योंकि रीति पाठक मध्य प्रदेश भाजपा की एक बेहद अनुभवी और कद्दावर महिला नेता मानी जाती हैं। वे साल 2014 और 2019 में सीधी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार भाजपा के टिकट पर सांसद चुनी जा चुकी हैं, और वर्तमान में सीधी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बतौर विधायक कर रही हैं। दो बार सांसद और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे बड़े पदों पर रहने के कारण मीडिया और जनता उनसे नीतिगत मामलों पर गंभीर जवाबदेही की उम्मीद रखती है। इस पूरे वायरल वीडियो और हो रही आलोचनाओं को लेकर फिलहाल विधायक या उनके संगठन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है

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