आईएनएस तबर ने 2024 में रूसी नौसेना दिवस परेड में हिस्सा लिया था, जबकि सितंबर 2026 में जनरल धीरज सेठ रूस पहुंचे

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा और सैन्य संबंध एक बार फिर चर्चा में हैं। वर्ष 2024 में रूसी नौसेना दिवस के अवसर पर सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित मुख्य नौसैनिक परेड में भारतीय नौसेना का अग्रिम युद्धपोत आईएनएस तबर शामिल हुआ था। इसी दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय नौसैनिकों का अभिवादन किया था।
आईएनएस तबर 25 जुलाई 2024 को सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचा था और 28 जुलाई को आयोजित 328वीं रूसी नौसेना दिवस परेड में शामिल हुआ। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना था। परेड के बाद भारतीय युद्धपोत ने रूसी नौसेना के साथ समुद्री साझेदारी अभ्यास में भी हिस्सा लिया था।
पुतिन ने भारतीय नौसैनिकों का किया अभिवादन
रूसी नौसेना दिवस परेड के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आईएनएस तबर पर मौजूद भारतीय नौसेना के जवानों का अभिवादन किया। उस समय परेड में रूस के अलावा भारत, अल्जीरिया और चीन के नौसैनिक पोत भी शामिल हुए थे।
सेंट पीटर्सबर्ग में नेवा नदी पर आयोजित मुख्य परेड में बड़ी संख्या में रूसी नौसैनिक पोत और सैनिक शामिल हुए थे। भारतीय नौसेना की भागीदारी को दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया गया था।
आठ साल बाद रूस पहुंचे भारतीय सेना प्रमुख
अब सितंबर 2026 में भारत-रूस सैन्य संबंधों को लेकर एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 16 से 18 सितंबर तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर रहे। यह किसी कार्यरत भारतीय सेना प्रमुख की अक्टूबर 2018 के बाद रूस की पहली यात्रा थी।
यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ ने रूसी थल सेना के प्रमुख कर्नल जनरल आंद्रेई मोर्दविचेव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बातचीत में सैन्य सहयोग, प्रशिक्षण और दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंधों से जुड़े विषय शामिल रहे।
मॉस्को में वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत
भारतीय सेना प्रमुख ने मॉस्को स्थित राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण केंद्र का भी दौरा किया और रूसी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। भारतीय पक्ष के अनुसार, इन बैठकों में मौजूदा सैन्य घटनाक्रम और भविष्य में रक्षा सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर विचार-विमर्श हुआ।
जनरल धीरज सेठ ने सेंट पीटर्सबर्ग में मिखाइलोव्स्काया सैन्य तोपखाना अकादमी का भी दौरा किया। इस दौरान प्रशिक्षण और सैन्य सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
भारत-रूस रक्षा संबंधों का लंबा इतिहास
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग कई दशकों पुराना है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित सैन्य संपर्क, प्रशिक्षण और विभिन्न स्तरों पर सहयोग जारी रहा है। आईएनएस तबर की रूसी नौसेना दिवस परेड में भागीदारी और अब सेना प्रमुख की रूस यात्रा इसी व्यापक सैन्य संबंध का हिस्सा है।
इस तरह 2024 में रूसी नौसेना दिवस परेड के दौरान पुतिन द्वारा भारतीय नौसैनिकों का अभिवादन और 2026 में भारतीय सेना प्रमुख की रूस यात्रा ने भारत-रूस सैन्य संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है।












































