
विंध्यभूमि नई दिल्ली, 23 अगस्त (न्यूज़ डेस्क): दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर आज पूरी तरह से एक सैन्य छावनी में तब्दील हो चुका है। देशव्यापी ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ (जाति आधारित आरक्षण के विरोध) के तहत राजधानी कूच कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने सीमाओं और जंतर-मंतर के बाहरी घेरे पर ही रोक दिया है। बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने आ रहे युवाओं के बड़े जत्थों को भारी पुलिस बल द्वारा वापस भेजा जा रहा है, जिससे इलाके में भारी तनाव और अलर्ट की स्थिति बनी हुई है [The Hindu, Instagram]।
धारा 163 लागू, पुलिस की तीन स्तरीय बैरिकेडिंग
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले धारा 144 थी) लागू कर दी गई है [The Hindu]。 इसके तहत जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के जमावड़े, मार्च या विरोध रैली की अनुमति नहीं है [The Hindu]। सुबह से ही सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर जाने वाले सभी रास्तों पर तीन स्तरीय (Three-layer) बैरिकेडिंग कर दी है [Instagram]। लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों को तुरंत हिरासत में लिया जाएगा [YouTube]।
जंतर-मंतर पर तीखी नोकझोंक, प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान का विकल्प
जाति आधारित आरक्षण नीति के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के जवानों के बीच आज जंतर-मंतर के पास तीखी नोकझोंक देखने को मिली [YouTube]। जब युवाओं को पीछे धकेला गया, तो उन्होंने जमकर नारेबाजी की। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच प्रशासन ने संगठनों के सामने एक कड़ा विकल्प रखा है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर खाली कर केवल रामलीला मैदान जाने की हिदायत दी है [Instagram]। हालांकि, वहां भी शांतिपूर्वक एकत्र होने के लिए बहुत ही सीमित और तय संख्या की सख्त शर्तें रखी गई हैं [Instagram]।
सोशल मीडिया पर खुफिया एजेंसियों की नजर, भ्रामक पोस्ट पर चेतावनी
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और इंस्टाग्राम पेज ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ के जरिए दिल्ली में भारी भीड़ जुटाने की योजना बना रहे थे [The Economic Times]। इसे नाकाम करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल रखा है [YouTube]। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें [X (formerly Twitter)]। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी [X (formerly Twitter)]।





























