
विंध्यभूमि/सतना। सतना जिले में पिछले 48 घंटे से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते जिले के नदी-नाले उफान पर हैं और कई पुल-पुलिया डूब गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई निचले इलाकों में घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, जबकि सड़कों पर जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही भी बाधित हुई है। जिले में करीब 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
कोटर में बस स्टैंड, अस्पताल और नगर परिषद कार्यालय पानी में
कोटर क्षेत्र में भारी बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला। यहां बस स्टैंड की दुकानों, अस्पताल, नगर परिषद कार्यालय सहित कई प्रमुख स्थानों पर पानी भर गया। बिरसिंहपुर के वार्ड क्रमांक 2 और 3 के कई घरों में पानी घुसने की सूचना है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया है। जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
रामपुर बघेलान के लामिकरहरी गांव में भी कई घरों में बारिश का पानी भर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

जलभराव से नाराज ग्रामीणों ने लगाया जाम
लामिकरहरी में घरों में पानी भरने के बाद नाराज ग्रामीणों ने सतना-रीवा सड़क पर जाम लगा दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और पानी निकासी का भरोसा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और यातायात बहाल हो सका।
कोटा रपटा 12 फीट पानी में डूबा
नागौद क्षेत्र में कोटा नंबर-1 नदी का रपटा करीब 12 फीट पानी में डूब गया है। पाकर के पास निर्माणाधीन पुल पर भी लगभग चार फीट पानी बह रहा है। दोनों रास्ते बंद होने से नागौद से सेमरवारा, हड़हा, बाबूपुर, पाकर, कोटा नंबर-1, उदैना, चितौंंधा, पनगरा, कौशलपुर, पिपरी, आमा, भाजिखेरा और जैतवारा समेत कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
रास्ते बंद होने से ग्रामीणों को करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। सेमरवारा स्कूल के बच्चों को भी परेशानी हुई। स्कूल स्टाफ ने अभिभावकों से बात कर बच्चों को सुरक्षित रास्ते से घर भेजा।

कई मार्गों पर पानी, नदियों का जलस्तर बढ़ा
मझगवां क्षेत्र में चकरा नाला उफान पर है, जिससे पहाड़ीखेड़ा मार्ग प्रभावित हुआ है। मझगवां-मैनिकपुर मार्ग पर भी पानी भर गया है। पिंडरा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बने कुछ घरों में पानी भरने की सूचना है। जिगनहट नदी भी उफान पर है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
हुईबाकिया बराज के गेट खोले गए
लगातार बारिश के कारण रामपुर बघेलान के बाकिया बराज का जलस्तर बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए बराज के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी बाहर निकाला गया। प्रशासन की ओर से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। लोगों से तेज बहाव वाले रास्तों और नदी-नालों को पार नहीं करने की अपील की गई है।
लगातार बारिश ने जिले में एक बार फिर जलनिकासी और अतिक्रमण की समस्या को सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नालों की नियमित सफाई और अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय रहते की जाए तो जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित मार्गों को सुरक्षित बनाना और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाना है।
























