
विंध्यभूमि/जबलपुर : नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कैश शाखा से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना की शिकायत के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं, महिला सहित दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
मामला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की कैश शाखा से जुड़ा है। इसी शाखा में विभिन्न मदों से प्राप्त होने वाली राशि का हिसाब-किताब, रसीद और जमा राशि से संबंधित रिकॉर्ड रखा जाता है। शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर करीब 1 करोड़ 63 लाख 78 हजार 456 रुपये की राशि से जुड़े हिसाब का उल्लेख सामने आया है। वहीं, जांच में 67 लाख 37 हजार 611 रुपये के कथित वित्तीय अंतर की बात सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है।
कैश शाखा के कर्मचारियों पर जांच का फोकस
मामले की सबसे अहम बात यह है कि एफआईआर में नामजद आरोपियों में मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा से जुड़े कर्मचारी भी बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैश शाखा में रकम की एंट्री, रसीद जारी करने, बैंक में राशि जमा करने और वित्तीय रिकॉर्ड के रखरखाव की प्रक्रिया किस तरह संचालित होती थी।
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि रिकॉर्ड में दर्ज राशि और बैंक में जमा वास्तविक राशि के बीच कथित अंतर किस स्तर पर सामने आया। इसके लिए कैश बुक, रसीद बुक, बैंक स्टेटमेंट, जमा पर्चियां और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच एवं मिलान किया जा रहा है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन दिन की पुलिस रिमांड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले में भानु सिंह शाक्यवार, अरविन्द धुर्वे और विशाल सराठे को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस को पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मिली है।
रिमांड अवधि पुलिस जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान पुलिस आरोपियों से कैश शाखा में उनकी जिम्मेदारियों, वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन और कथित अंतर से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितता किस अवधि में हुई और रिकॉर्ड में अंतर कैसे सामने आया।
महिला सहित दो आरोपी फरार
मामले में मनोहर केवट और साधना चंदौल के नाम भी एफआईआर में दर्ज बताए गए हैं। दोनों फिलहाल फरार हैं। इनमें साधना चंदौल महिला आरोपी बताई जा रही हैं। गढ़ा थाना पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरार आरोपियों की कैश शाखा से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता में क्या भूमिका रही। उनकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
67 लाख से ज्यादा के कथित अंतर ने बढ़ाई गंभीरता
जांच में सामने आए 67 लाख 37 हजार 611 रुपये के कथित वित्तीय अंतर ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। इतनी बड़ी राशि के कथित अंतर को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस दोनों स्तर पर जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिकॉर्ड में दर्ज रकम और बैंक में जमा वास्तविक राशि के बीच अंतर किस वजह से आया। जांच में दस्तावेजों का मिलान करने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि कहीं रिकॉर्ड में गलत एंट्री, रसीद संबंधी गड़बड़ी या रकम जमा करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई।
रिमांड में सामने आएगा कथित गड़बड़ी का सच?
तीन आरोपियों की तीन दिन की पुलिस रिमांड के दौरान जांच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित वित्तीय अंतर कब से था, किन-किन दस्तावेजों में अंतर मिला और कैश शाखा में रकम के हिसाब-किताब की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि मामला केवल रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी तक सीमित है या इसके पीछे किसी बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता की संभावना है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से भी जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि मनोहर केवट और साधना चंदौल की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा वित्तीय दस्तावेजों की जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज की कैश शाखा से जुड़े इस मामले में सामने आए वित्तीय अंतर और लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि कथित वित्तीय अनियमितता की वास्तविक प्रकृति क्या थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।






















