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शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरे जीतू पटवारी, सरकार से पदवृद्धि पर तत्काल फैसला लेने की मांग

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विंध्यभूमि भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। पदवृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सामने आए हैं। उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

जीतू पटवारी ने कहा कि शिक्षक भर्ती से जुड़े युवा लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उन्होंने वर्षों की मेहनत, समय और संसाधन लगाए हैं। परीक्षा में शामिल होकर योग्यता हासिल करने के बाद वे रोजगार की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

युवाओं की आवाज सुनने के बजाय दबाने की कोशिश न करे सरकार’

पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपील करते हुए कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से समझना चाहिए और उनसे संवाद कर समाधान का रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि सहित अभ्यर्थियों की अन्य मांगों पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार और अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता चाहिए। लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण अभ्यर्थियों में भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है।

रोजगार मांगना अधिकार है, एहसान नहीं’

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश का युवा अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर रोजगार मांग रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

पटवारी ने शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस युवाओं के अधिकार और रोजगार की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर कांग्रेस उचित मंचों पर उनकी आवाज उठाती रहेगी।

शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। ऐसे में अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार की ओर से आने वाले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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