दिल्लीफ़्लैश न्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़मेरा शहरराज्य

राम मंदिर चढ़ावा ‘घोटाले’ का खुलासा करने वाले पत्रकार को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत

IMG 20260826 WA0025

विंध्यभूमि नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (25 अगस्त) को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की ख़बर सामने लाने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय को गिरफ़्तारी से अंतरिम संरक्षण दे दिया है.

 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक उपाध्याय का आरोप है कि अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित गबन का खुलासा करने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने एक कथित रोड रेज मामले में बदले की भावना से उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.

 

उपाध्याय की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि उनके मुवक्किल ह्विसिलब्लोअर हैं और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग का मामला सबसे पहले उन्होंने ही उठाया था.

 

इस संबंध में राय ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. उन्होंने मांग की कि कथित सड़क दुर्घटना और एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे सीबीआई या दिल्ली पुलिस को सौंपी जाए.

 

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अब तक अभिषेक उपाध्याय को एफआईआर की प्रति और कथित दुर्घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई है. उपाध्याय पर आरोप है कि उनकी कार और एक दोपहिया वाहन के बीच कथित टक्कर के बाद उन्होंने दोपहिया सवार के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया.

 

पीठ ने गाजियाबाद पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कहा कि इंदिरापुरम थाने में दर्ज एफआईआर या इन आरोपों के संबंध में भविष्य में दर्ज की जाने वाली किसी भी एफआईआर में याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

 

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को उपाध्याय को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया, ताकि वह कानून के तहत उपलब्ध उपायों का सहारा ले सकें.

अदालत ने कहा कि एफआईआर की प्रति मिलने के बाद याचिकाकर्ता संबंधित उच्च न्यायालय में उचित राहत के लिए जाने के लिए स्वतंत्र होंगे.

 

गौरतलब है कि उपाध्याय उन शुरुआती पत्रकारों में शामिल थे, जिन्होंने अयोध्या राम मंदिर में भ्रष्टाचार और चढ़ावा चोरी के आरोपों को सामने लाया था. उनकी रिपोर्ट्स पर काफी चर्चा हुई थी. इसके बाद यह मामला देशभर की सुर्खियों में आया, इस्तीफे हुए और विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच शुरू की.

 

पिछले कुछ महीनों में उपाध्याय के यूट्यूब चैनल टॉप सीक्रेट पर प्रभावशाली राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों, खासकर उत्तर प्रदेश से जुड़ी कई रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं. इनमें सबसे प्रमुख अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के प्रबंधन में कथित चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं से जुड़ी रिपोर्ट थीं.

 

उन्होंने मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती से जुड़े पूर्व कर्मचारियों के इंटरव्यू भी किए थे. उनकी रिपोर्ट्स में लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच शुरू हुई और गिरफ्तारियां भी हुईं.

 

उपाध्याय ने अपने चैनल के जरिए राजनीतिक रूप से प्रभावशाली अन्य लोगों और संस्थानों की भी पड़ताल की है. इनमें उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और दूसरे सरकारी विभागों में कथित अनियमितताओं से जुड़ी रिपोर्टें शामिल हैं, जिन पर काफी चर्चा हुई और सवाल उठे.

 

उपाध्याय ने अगस्त 2024 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था. सितंबर 2024 में उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था. उस समय उन्होंने एक रिपोर्ट और कई पोस्ट प्रकाशित किए थे, जिनमें आदित्यनाथ सरकार में उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर ठाकुर अधिकारियों की बढ़ती मौजूदगी पर सवाल उठाए गए थे.

What's your reaction?

Related Posts

Epaper