
MP Power Crisis: भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश के करीब 20 जिलों के गांवों और कस्बों में कथित तौर पर रोजाना 10 से 12 घंटे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इससे ग्रामीणों, किसानों और छोटे कारोबारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बिजली कटौती के विरोध में कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। नवरात्रि के दौरान ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांवों में घंटों बिजली गुल रहती है, तो शहरी क्षेत्रों में वैसी कटौती क्यों नहीं की जा रही है।
MP Power Crisis: बिजली कटौती को लेकर कई जिलों में जनप्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। जानकारी के अनुसार, 12 से अधिक जिलों के जनप्रतिनिधियों ने बिजली कंपनियों को पत्र लिखकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्रि के दौरान प्रदेश में बिजली कटौती नहीं करने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
MP Power Crisis: एक साल में 44 फीसदी बढ़ी बिजली की मांग
MP Power Crisis: बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में इस महीने बिजली की अधिकतम मांग पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 44 प्रतिशत बढ़कर 17,124 मेगावाट तक पहुंच गई है। कृषि क्षेत्र में भी बिजली की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रबी फसलों की बुवाई, खेतों में पलेवा और धान की सिंचाई के कारण कृषि क्षेत्र की मांग 1,752 मेगावाट से बढ़कर 3,701 मेगावाट हो गई है।
MP Power Crisis: बिजली की बढ़ती मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में संकट की स्थिति बनी हुई है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। रात के समय बिजली कटौती होने से ग्रामीण परिवारों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
MP Power Crisis: किसान संघ ने दशहरे तक का दिया अल्टीमेटम
MP Power Crisis: मध्य प्रदेश में बिजली कटौती, खाद-बीज की कमी, सूखे जैसी परिस्थितियों और फसलों की खरीदी से जुड़ी समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को दशहरे तक का अल्टीमेटम दिया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण करे, अन्यथा संगठन बड़े आंदोलन की राह अपनाएगा।
MP Power Crisis: कमल सिंह आंजना के अनुसार, किसान संघ बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहता है। मुख्यमंत्री से चर्चा करने के लिए लगातार संपर्क करने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि दीपावली नजदीक है, लेकिन किसान बिजली, पानी, खाद और बीज की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
MP Power Crisis: किसान संघ ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात करीब 10:30 बजे बिजली काट दी जाती है, जिससे किसानों और आम ग्रामीणों को परेशानी होती है। सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता प्रभावित होने के साथ ही रात में घरों में अंधेरा छाने से बुजुर्गों और परिवारों की दैनिक दिनचर्या पर भी असर पड़ रहा है।
MP Power Crisis: दूसरे राज्यों से खरीदी जाएगी अतिरिक्त बिजली
MP Power Crisis: बिजली की बढ़ती मांग और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार तथा बिजली कंपनियों ने दूसरे राज्यों से अतिरिक्त बिजली खरीदने की तैयारी शुरू की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 3,000 से 4,000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अगले सप्ताह से मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे बिजली की कमी दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती कम करने में मदद मिल सकती है।
MP Power Crisis: बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, प्रदेश में बिजली की मांग पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5,000 मेगावाट बढ़ी है। आपूर्ति और मांग के बीच बढ़ते अंतर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। जनप्रतिनिधियों के पत्रों और किसानों के विरोध को देखते हुए अतिरिक्त बिजली खरीदने की तैयारी की गई है।
MP Power Crisis: हालांकि, अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती कितनी कम होगी और नियमित आपूर्ति कब तक बहाल हो पाएगी, यह बिजली कंपनियों की आगामी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
MP Power Crisis: इन जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की शिकायतें
MP Power Crisis: भारतीय किसान संघ के प्रवक्ता राहुल धूत के अनुसार, भोपाल जिले के ईटखेड़ी बिजली वितरण क्षेत्र के करीब 35 गांवों में तीन से चार घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें हैं। इसके अलावा सीहोर, आष्टा, जावरा, इछावर और बुधनी सहित कई क्षेत्रों में शाम से देर रात तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही गई है।
MP Power Crisis: नीमच जिले के कनावटी, जाट, लहरिया और दौलतपुरा जैसे गांवों के साथ मंदसौर, सीतामऊ, सुवासरा, दलौदा, गरोठ और मल्हारगढ़ क्षेत्रों में भी बिजली कटौती की शिकायतें सामने आई हैं।
MP Power Crisis: इसके अतिरिक्त राजगढ़, दमोह, बड़वानी, धार, झाबुआ, खंडवा, आगर मालवा, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, बैतूल, विदिशा, हरदा, रायसेन, अशोकनगर और भिंड के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी दी गई है। इन इलाकों में दो से लेकर 10 घंटे तक अघोषित कटौती की शिकायतें बताई गई हैं।
MP Power Crisis: ग्रामीणों को राहत मिलने का इंतजार
MP Power Crisis: प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग, कृषि कार्यों के लिए बढ़ती आवश्यकता और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती को लेकर विरोध लगातार बढ़ रहा है। किसानों को उम्मीद है कि अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था होने के बाद सिंचाई और घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त आपूर्ति मिल सकेगी। अब देखना होगा कि बिजली कंपनियों की नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट कितना कम होता है और किसानों को कब तक राहत मिल पाती है।
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