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Death Threat: सवर्ण समाज के हक़ की आवाज उठाने पर जान से मारने की धमकी! शत्रुघ्न पाण्डेय का दोटूक बयान—न डरूंगा, न झुकूंगा

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Death Threat: भाजपा के खिलाफ बोलने पर धमकी मिलने का आरोप, शत्रुघ्न पाण्डेय बोले—लोकतंत्र में सवाल उठाना अपराध नहीं

दैनिक विंध्य भूमि | ए.पी. शर्मा

सीधी। Death Threat: सवर्ण समाज के हक़, अधिकार और सम्मान के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले शत्रुघ्न पाण्डेय ने ओमप्रकाश तिवारी नामक व्यक्ति पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पाण्डेय के अनुसार, उन्हें भाजपा के खिलाफ बोलने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस मामले को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की नीतियों का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, न कि कोई अपराध।

Death Threat: शत्रुघ्न पाण्डेय ने कहा कि वह न भाजपा के एजेंट हैं और न कांग्रेस के, बल्कि सवर्ण समाज के हक़ और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जब वह कांग्रेस की नीतियों का विरोध करते हैं, तो उन्हें भाजपा का समर्थक बताया जाता है और जब भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें कांग्रेस का एजेंट कहा जाने लगता है।

Death Threat: उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की नीतियों पर सवाल उठाना हर नागरिक का अधिकार है। विचारधारा के आधार पर किसी को धमकाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवर्ण समाज के मुद्दों पर उनकी आवाज किसी राजनीतिक दल के दबाव में बंद नहीं होगी।

Death Threat: पाण्डेय ने यह भी कहा कि वह इस मामले में कानूनी शिकायत दर्ज कराने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, वह चाहते हैं कि संबंधित व्यक्ति को समझाया जाए, ताकि मामला कानून और आपसी समझ के दायरे में सुलझ सके और भविष्य में किसी को इस तरह की धमकी न दी जाए।

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Death Threat: शत्रुघ्न पाण्डेय ने दोटूक संदेश देते हुए कहा, “न मैं किसी राजनीतिक दल का बंधुआ मजदूर हूं, न किसी के दबाव में अपनी आवाज बंद करूंगा। सवर्ण समाज के हक़ और अधिकारों की बात पहले भी करता था, आज भी करता हूं और आगे भी करता रहूंगा।”

Death Threat: उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का जवाब धमकी से नहीं, बल्कि तथ्यों और तर्कों से दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए।

नोट: जान से मारने की धमकी के संबंध में लगाए गए आरोप शत्रुघ्न पाण्डेय के बयान पर आधारित हैं। मामले में संबंधित व्यक्ति का पक्ष और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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