
विंध्यभूमि/सीधी। सीधी जिले के लिए गौरव और शिक्षा जगत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कंजवार में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह का चयन वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। देशभर से चयनित 48 शिक्षकों में मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों को स्थान मिला है। इनमें सीधी के शैलेंद्र प्रताप सिंह के साथ भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला शामिल हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से सीधी जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए हुआ चयन
शैलेंद्र प्रताप सिंह का चयन शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, विद्यार्थियों के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने में किए गए कार्यों के आधार पर किया गया है। उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना सीधी जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यालय में विद्यार्थियों की शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ-साथ उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करने और विद्यालय के वातावरण को सकारात्मक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए हैं। उनके इसी योगदान को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना गया है।
5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 का सम्मान समारोह 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। समारोह में देशभर से चयनित शिक्षक शामिल होंगे। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु चयनित शिक्षकों को सम्मानित करेंगी।
राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना किसी भी शिक्षक के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। सीधी के शैलेंद्र प्रताप सिंह के लिए यह सम्मान उनके शिक्षकीय जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल होगा। उनके चयन से जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों में उत्साह है।
देशभर से 48 शिक्षकों का चयन
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए देशभर से कुल 48 शिक्षकों का चयन किया गया है। चयनित शिक्षकों में 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से जुड़े शिक्षक शामिल हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के बीच सीधी जिले के शिक्षक का चयन होना जिले के लिए विशेष उपलब्धि है। यह उपलब्धि बताती है कि सीमित संसाधनों के बीच भी ग्रामीण और शासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अपने समर्पण और नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सीधी के शिक्षा जगत में खुशी
शैलेंद्र प्रताप सिंह के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन की खबर सामने आने के बाद सीधी जिले के शिक्षा जगत में खुशी की लहर है। उनके सहकर्मियों और क्षेत्र के लोगों ने इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है। शिक्षक का राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होना न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि कंजवार विद्यालय और पूरे सीधी जिले के लिए भी सम्मान की बात है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन के बाद अब सभी की निगाहें 5 सितंबर को होने वाले सम्मान समारोह पर हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों सम्मान प्राप्त कर शैलेंद्र प्रताप सिंह सीधी जिले का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन करेंगे।





























