
विंध्यभूमि सीधी ,राखी के पर्व को स्थानीयता, महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए आजीविका मिशन द्वारा मानस भवन में तीन दिवसीय राखी मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले का शुभारंभ विधायक रीती पाठक ने किया। 23 से 25 अगस्त तक आयोजित मेले में जिले के महिला स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है। मेले की थीम “स्थानीय उत्पाद, स्थानीय पहचान, आत्मनिर्भर सीधी की शान” रखी गई है।
शुभारंभ अवसर पर विधायक रीती पाठक ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों, उत्पादन प्रक्रिया और बाजार की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनके प्रयासों की सराहना की।
स्थानीय उत्पादों को अपनाना, महिला उद्यमिता को मजबूत करना – रीती पाठक
विधायक रीती पाठक ने कहा कि स्थानीय उत्पाद किसी क्षेत्र की पहचान और वहां के लोगों के हुनर का प्रतिनिधित्व करते हैं। सीधी की ग्रामीण महिलाओं ने अपनी मेहनत और कौशल से ऐसे उत्पाद तैयार किए हैं, जिन्हें बेहतर बाजार मिलने पर वे बड़े स्तर पर अपनी आजीविका का माध्यम बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी केवल एक वस्तु खरीदना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला स्व-सहायता समूहों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर मिलता है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, नए बाजार विकसित होते हैं और उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत होती हैं। विधायक ने आमजन से राखी मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने तथा महिला समूहों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
महुआ लड्डू और कुकीज से लेकर बांस, जूट और हैंडलूम तक
मेले में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार विविध उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां मिलेट्स उत्पाद, महुआ उत्पाद, देशी अरहर दाल, बांस एवं जूट उत्पाद, हैंडलूम सामग्री, अचार, मूर्तियां, पंजा दरी, दोना-पत्तल और एलईडी बल्ब सहित अनेक स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

स्थानीय स्तर पर तैयार महुआ लड्डू और महुआ कुकीज विशेष रूप से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन उत्पादों के माध्यम से जिले की स्थानीय उपज और पारंपरिक कौशल को नए बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ना जरूरी – मंजू सिंह
जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दी है। उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से महिलाओं को अपनी मेहनत का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है।
स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने का मंच – देव कुमार सिंह चौहान
समाजसेवी देव कुमार सिंह चौहान ने कहा कि सीधी के ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और महिलाओं के पारंपरिक कौशल में बड़ी संभावनाएं हैं। राखी मेला इन उत्पादों को व्यापक पहचान देने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
आजीविका मिशन का बाजार से सीधा जुड़ाव पर जोर
जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिशन पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूहों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए उन्हें बाजार से जोड़ना आजीविका मिशन की प्राथमिकता है। ऐसे मेलों से समूहों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने, अपने उत्पादों की मांग समझने और नए बाजार विकसित करने का अवसर मिलता है।
मेले में जिला प्रबंधक शैलेंद्र द्विवेदी, देवेश मिश्रा, विजय शंकर गिरी गोस्वामी, अजय सिंह, प्रशांत मिश्रा, विकासखंड प्रबंधक चंद्रकांत सिंह, अशोक पांडे, सुरजीत सिंह, राहुल शुक्ला, सहायक विकासखंड प्रबंधक मनोज मिश्रा, भरत सोनी, अरुण गौतम, विनोद कुशवाहा, संजीव सिंह, अनामिका मिश्रा, मीणा गुर्जर, नीरज सोनी, सुनील यादव सहित ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी-कर्मचारी एवं महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित रहीं।
25 अगस्त तक चलेगा मेला
आजीविका मिशन द्वारा आमजन से 25 अगस्त तक मानस भवन में आयोजित राखी मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की गई है। राखी के पर्व पर आयोजित यह मेला महिला समूहों के हुनर, स्थानीय उत्पादों की पहचान और आत्मनिर्भर सीधी के संकल्प को एक साथ मजबूत करने का अवसर प्रदान कर रहा है।





























