Sidhi news,प्रतिष्ठानों के बजाय अलग-अलग व्यक्तियों के नाम भुगतान का मामला, स्थानीय लोगों ने जांच की मांग की
Sidhi news,सीधी। जिला पंचायत सीधी में चाय-कॉफी के नाम पर किए गए करीब 29 हजार रुपये के भुगतान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उपलब्ध भुगतान विवरण के अनुसार चाय-कॉफी से संबंधित कुल 28,868 रुपये का भुगतान किया गया है। इसमें अख्तर खान के नाम 9,188 रुपये तथा बिहारी सिंह के नाम 19,680 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।
Sidhi news,स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चाय-कॉफी की खरीदी मनोहर चाय, सीधी तथा इंडियन कॉफी हाउस/कॉफी वर्कर्स को-ऑपरेटिव लिमिटेड जैसे प्रतिष्ठानों से की गई थी, तो भुगतान संबंधित प्रतिष्ठान या फर्म के नाम पर किए जाने के बजाय अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर क्यों किया गया। इसी बिंदु को लेकर स्थानीय लोगों ने भुगतान प्रक्रिया और संबंधित बिलों की जांच की मांग की है।
बिलों और भुगतान प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
Sidhi news,मामले में भुगतान से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित बिल पर जिला पंचायत के लेखा अधिकारी के हस्ताक्षर दिखाई दे रहे हैं, जबकि भुगतान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) के माध्यम से किया जाता है।
ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल तैयार करने, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया है या नहीं।
पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज है भुगतान का विवरण
Sidhi news,स्थानीय लोगों के अनुसार, मध्य प्रदेश पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से पंचायतों की वित्तीय गतिविधियों और किए गए भुगतानों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाती है। पोर्टल पर बिल क्रमांक सहित भुगतान से संबंधित विवरण दर्ज होने से आम नागरिक भी वित्तीय लेन-देन की जानकारी देख सकते हैं।
इसी आधार पर स्थानीय लोगों ने जिला पंचायत में चाय-कॉफी के नाम पर किए गए भुगतान की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जांच की मांग
Sidhi news,स्थानीय लोगों ने सीधी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का ध्यान इस मामले की ओर आकृष्ट कराते हुए संबंधित बिल, भुगतान पत्रक, वाउचर, फर्म अथवा प्रतिष्ठान का विवरण और भुगतान स्वीकृति की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि जांच के बाद यह स्पष्ट होना चाहिए कि चाय-कॉफी की वास्तविक खरीदी कहां से हुई, भुगतान किन आधारों पर किया गया और अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर भुगतान किए जाने का कारण क्या था। यदि प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
Sidhi news,नोट: समाचार में उठाए गए सवाल स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराई गई भुगतान संबंधी जानकारी के आधार पर हैं। भुगतान में अनियमितता के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।











































