
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के बाहर भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर मंदिर के मुख्य द्वार से टकरा गया। हादसे में 14 श्रद्धालुओं की मौत होने और करीब 42 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
Gwalior Accident: मंदिर के मुख्य द्वार से टकराया ट्रक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और मंदिर के मुख्य द्वार से जा टकराया। उस समय मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं और दुकानदारों की मौजूदगी बताई जा रही है। ट्रक की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और लोग घायलों की मदद के लिए आगे आए।
Gwalior Accident: घायलों को अस्पताल पहुंचाया, राहत-बचाव कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को उपचार के लिए जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। वहां घायलों का इलाज जारी होने की जानकारी सामने आई है।

बताया गया है कि ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Gwalior Accident: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया शोक
इस दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है, जबकि घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
Gwalior Accident: हादसे के कारणों की जांच जरूरी
मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह हादसा सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से जुड़े कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, ट्रक के अनियंत्रित होने के वास्तविक कारणों और हादसे की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
नोट: प्रकाशन से पहले मृतकों और घायलों की संख्या, हादसे की परिस्थितियों तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित आर्थिक सहायता की आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें।











































