
विंध्यभूमि/सीधी जिले में छात्राओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में शिक्षा विभाग द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2026 में जिले की शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालयों की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कराए गए हैं।
वर्ष 2026 में जिले की 326 शालाओं में बालिका शौचालयों की मरम्मत का कार्य कराया गया है। इसके साथ ही आवश्यकता वाले 28 शालाओं में 28 नवीन बालिका शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है। इन कार्यों के फलस्वरूप जिले की संबंधित शालाओं में छात्राओं के लिए आवश्यक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र विनय मिश्रा द्वारा बताया गया कि जिले की समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालय क्रियाशील हैं। शौचालयों की नियमित उपलब्धता एवं उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए उनकी क्रियाशीलता का लगातार पर्यवेक्षण कराया जा रहा है।
शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं में स्वच्छता सुविधाओं के रखरखाव, साफ-सफाई एवं नियमित उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बालिका शौचालयों की उपलब्धता और क्रियाशीलता से छात्राओं के लिए विद्यालयों में सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। साथ ही स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और छात्राओं की नियमित विद्यालय उपस्थिति को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण है।
जिला शिक्षा केंद्र द्वारा संबंधित शाला प्रबंधन एवं मैदानी अमले को बालिका शौचालयों की नियमित निगरानी तथा किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य जिले की सभी शालाओं में छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।





























