Sidhi kusmi news सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी की भगवार पंचायत की रहने वाली प्रतिभाशाली कलाकार आरती टांडिया ने अपनी चित्रकला के माध्यम से सीधी और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी बनाई पेंटिंग्स के दक्षिण अफ्रीका और केन्या तक पहुँचने की जानकारी सामने आई है। उनकी कलाकृतियों में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन और जीवनशैली की सुंदर झलक देखने को मिलती है।
आरती के माता-पिता दोनों वर्तमान में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में पाँच बहनें और एक भाई हैं। आरती को बचपन से ही चित्रकला में विशेष रुचि रही और उन्होंने अपनी कला को आदिवासी संस्कृति एवं सामाजिक जीवन की अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। निरंतर प्रयास और प्रतिभा के बल पर आज उनकी कला देश की सीमाओं से बाहर तक पहचान बना रही है।
प्रधानमंत्री तक कलाकृति पहुँचने का दावा
Sidhi kusmi news आरती टांडिया की एक कलाकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचने का दावा किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि उक्त कलाकृति को उनके संग्रह में स्थान मिला। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने तक इसे दावे के रूप में ही देखा जाना उचित है।
स्थानीय संस्कृति से वैश्विक मंच तक
Sidhi kusmi news आरती की पेंटिंग्स केवल रंगों और रेखाओं का संयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। उनकी कला स्थानीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
आरती टांडिया की इस उपलब्धि पर उनके जनजातीय परिवार, क्षेत्रवासियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।
Sidhi kusmi news क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि आरती की प्रतिभा को उचित प्रोत्साहन, प्रशिक्षण और व्यापक मंच मिले, जिससे भारतीय आदिवासी कला और संस्कृति को देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर और अधिक पहचान प्राप्त हो।
Sidhi kusmi news आरती की कला नई पीढ़ी के लिए यह संदेश भी देती है कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी प्रतिभा, निरंतर परिश्रम और समर्पण के साथ वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है।












































