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Churhat Outsourcing Controversy: चुरहट नगर परिषद में अनियमितताओं के आरोप, पार्षद राजेश पटेल ने संभागीय संयुक्त संचालक को सौंपा शिकायत पत्र

Churhat Outsourcing Controversy: चुरहट नगर परिषद में अनियमितताओं के आरोप, पार्षद राजेश पटेल ने संभागीय संयुक्त संचालक को सौंपा शिकायत पत्र

 

बिना नियम आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, दूर के पेट्रोल पंप को भुगतान और वार्डों में सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल

 

विंध्यभूमि | सीधी, चुरहट।

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Churhat Outsourcing Controversy: नगर परिषद चुरहट में कथित वित्तीय अनियमितताओं, आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री एवं पार्षद (एल्डरमैन) राजेश कुमार पटेल ने 25 सितंबर 2026 को संभागीय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, रीवा संभाग को संबोधित शिकायत पत्र में परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

 

Churhat Outsourcing Controversy: शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद में बिना कार्य कराए ही संविदाकार को कार्यादेश दिए जा रहे हैं और नोटिस तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायतकर्ता ने इन मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

 

दूर के पेट्रोल पंप से भुगतान पर सवाल

 

Churhat Outsourcing Controversy: शिकायत में एक महत्वपूर्ण मुद्दा यह उठाया गया है कि नगर परिषद के वाहनों के लिए लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित पेट्रोल पंप को भुगतान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। यह भी जांच का विषय है कि संबंधित भुगतान किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत किए गए।

 

सफाई और जनकल्याणकारी योजनाओं पर भी आपत्ति

 

Churhat Outsourcing Controversy: पत्र में आरोप लगाया गया है कि वार्डों में नियमित साफ-सफाई नहीं हो रही है और कीटनाशक का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा। इसके साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक नहीं पहुंचने की बात भी उठाई गई है। शिकायतकर्ता ने इन बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों से निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

 

पुरानी फाइलें नहीं मिलने का भी उल्लेख

 

Churhat Outsourcing Controversy: शिकायत पत्र में लोक निर्माण विभाग से संबंधित पुरानी फाइलें उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी शामिल है। यदि अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, तो यह जांच जरूरी होगी कि संबंधित दस्तावेज कहां हैं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी की थी।

 

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

 

Churhat Outsourcing Controversy: पार्षद राजेश कुमार पटेल ने संभागीय संयुक्त संचालक से शिकायत में उठाए गए बिंदुओं का अवलोकन कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगरीय प्रशासन विभाग इन आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाता है और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण में क्या तथ्य सामने आते हैं।

 

Churhat Outsourcing Controversy: नगर परिषद से जुड़े वित्तीय भुगतान, भर्ती प्रक्रिया, सफाई व्यवस्था और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे जनता के हितों से जुड़ा है। ऐसे में शिकायत में उठाए गए सवालों की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आवश्यक है। हालांकि, शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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