विंध्यभूमि ,चित्रकूट/अंबुज तिवारी:- मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में भारी तबाही मचा दी है नदी किनारे बसे क्षेत्रों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस बार आई बाढ़ वर्ष 2003 में आई बाढ़ से भी कहीं अधिक भयावह रही नदी से करीब 500 मीटर तक के क्षेत्र में कई स्थानों पर दो मंजिल तक पानी पहुंचने से लोगों के घरों में रखा सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया कई परिवारों के सामने रहने और भोजन की समस्या खड़ी हो गई है
घर-घर पहुंचाया जा रहा भोजन और राहत सामान
बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच गायत्री शक्तिपीठ चित्रकूट ने राहत एवं सेवा कार्य शुरू किया है संगठन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन, कपड़े और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है पिछले चार दिनों से कार्यकर्ता लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं
गायत्री शक्तिपीठ के संचालक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी अपने सहयोगियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हाल जान रहे हैं। टीम घर-घर जाकर बाढ़ पीड़ित परिवारों की परेशानियां सुन रही है और आवश्यकता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है
बांदा और अतर्रा से भी मदद के लिए आगे आए लोग
बाढ़ की सूचना के बाद बांदा, अतर्रा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कई परिवार और समाजसेवी भी राहत कार्य में सहयोग के लिए आगे आए हैं गायत्री शक्तिपीठ की ओर से जरूरतमंदों की सहायता के लिए संपर्क नंबर जारी किए जाने की जानकारी दी गई है, ताकि प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री और सहायता पहुंचाई जा सके
कई सामाजिक संगठनों ने संभाला मोर्चा
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए विभिन्न सामाजिक और सेवा संगठनों के कार्यकर्ता भी मैदान में जुटे हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सद्गुरु सेवा संघ, दीनदयाल शोध संस्थान सहित कई समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता राहत एवं सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं
दिल्ली से परमहंस पप्पू महाराज, जगदीश गौतम, प्रवल श्रीवास्तव समेत अनेक समाजसेवी भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए सक्रिय हैं राहत दलों द्वारा जरूरतमंद परिवारों तक भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है
फिर बढ़ा नदी का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

इधर मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की सूचना है इससे चित्रकूट के निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों का प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है

प्रशासनिक टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं और लोगों से नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है। लगातार बदलते जलस्तर के बीच राहत एवं बचाव कार्यों को भी तेज किया जा रहा है
बाढ़ पीड़ितों के सामने पुनर्वास की चुनौती
भीषण बाढ़ में घरों और घरेलू सामान को हुए नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित ठिकाने और पुनर्वास की है
सामाजिक संगठनों का कहना है कि तत्काल राहत के साथ प्रभावित परिवारों को आगे भी भोजन, कपड़े और जरूरी सामान की आवश्यकता होगी
चित्रकूट में प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की सक्रियता से बाढ़ प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने का प्रयास जारी है











































