फ़्लैश न्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशराज्यसीधी

Ban on Stubble Burning: नरवाई जलाने पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर लगेगा 15 हजार रुपये तक जुर्माना

IMG 20261026 WA0071

Ban on Stubble Burning: कंबाइन हार्वेस्टर के साथ फसल अवशेष प्रबंधन की मशीनों का उपयोग अनिवार्य

Ban on Stubble Burning: सीधी। जिले में नरवाई और पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत फसल कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, स्ट्रा रीपर अथवा बेलर में से किसी एक मशीन का उपयोग अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित किसानों से पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूलने के साथ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

 

Ban on Stubble Burning: उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास आर.एस. गुप्ता ने बताया कि धान और गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों और जैविक कार्बन को नुकसान पहुंचता है। साथ ही वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। पर्यावरण संरक्षण और भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

 

Ban on Stubble Burning: भूमि के रकबे के अनुसार लगेगा जुर्माना

 

निर्धारित प्रावधानों के अनुसार नरवाई जलाने की प्रत्येक घटना पर भूमि के रकबे के आधार पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि वसूल की जाएगी। दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से 2,500 रुपये, दो से पांच एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से 5,000 रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों से 15,000 रुपये की राशि वसूली जाएगी।

 

Ban on Stubble Burning: मशीनों के उपयोग और नियमों के पालन पर रहेगी निगरानी

 

जिले में संचालित कंबाइन हार्वेस्टर के साथ फसल अवशेष प्रबंधन की निर्धारित मशीनों का उपयोग सुनिश्चित कराने के लिए जिला परिवहन अधिकारी और सहायक कृषि यंत्री को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विस्तार अधिकारियों, पटवारियों और ग्राम पंचायत सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर नजर रखने तथा उल्लंघन पाए जाने पर पंचनामा तैयार कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

 

Ban on Stubble Burning: नरवाई जलाने के बजाय खेतों में करें फसल अवशेषों का उपयोग

 

कलेक्टर विकास मिश्रा ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील की है। उन्होंने फसल अवशेषों का उपयोग खेतों में मल्चिंग के रूप में करने की सलाह दी। इससे मिट्टी में नमी बनाए रखने, जैविक पदार्थों को संरक्षित करने और भूमि की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलती है। प्रशासन ने किसानों से पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

 

-0-

What's your reaction?

Related Posts

Epaper