
Nagada Festival: विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने किया कलाकारों का उत्साहवर्धन, कन्या शिक्षा परिसर कुसमी की बालिकाओं ने दी प्रेरक प्रस्तुति
Nagada Festival: सीधी। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन सीधी के संयुक्त सहयोग से टमसार में आयोजित तीन दिवसीय नगाड़ा उत्सव के दूसरे दिन आठ राज्यों की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं की मनोहारी छटा देखने को मिली। विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्यों और वाद्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध लोक विरासत को मंच पर जीवंत किया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लोकवाद्यों की गूंज और आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

Nagada Festival: उत्सव के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के गुदुमबाजा एवं भड़म नृत्य, हरियाणा के बनचारी, झारखंड के उरांव, छत्तीसगढ़ के गौर, महाराष्ट्र के लेझिम, कर्नाटक के ढोलुकुनीथा, केरल के चेंडा मेलम और ओडिशा के दुलदुली नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। आठ राज्यों की सांस्कृतिक विधाओं को एक मंच पर देखने का अवसर दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक जीवनशैली की झलक प्रस्तुत की।
Nagada Festival: मध्यप्रदेश के गुदुमबाजा एवं भड़म नृत्य ने प्रदेश की लोकसंस्कृति की विशिष्टता को दर्शाया। हरियाणा के बनचारी, झारखंड के उरांव और छत्तीसगढ़ के गौर नृत्य ने अपनी पारंपरिक शैली से दर्शकों को आकर्षित किया। महाराष्ट्र के लेझिम की लयबद्ध प्रस्तुति, कर्नाटक के ढोलुकुनीथा की ऊर्जापूर्ण ताल, केरल के चेंडा मेलम की प्रभावशाली वाद्य ध्वनियों और ओडिशा के दुलदुली नृत्य ने आयोजन में सांस्कृतिक विविधता के रंग बिखेरे।

Nagada Festival: विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह
नगाड़ा उत्सव के दूसरे दिन धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। ऐसे आयोजन पारंपरिक कलाओं के संरक्षण, लोक कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Nagada Festival: कन्या शिक्षा परिसर कुसमी की बालिकाओं ने दी प्रेरक प्रस्तुति
उत्सव के मंच पर कन्या शिक्षा परिसर, कुसमी की बालिकाओं ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बालिकाओं ने छत्तीसगढ़ी नृत्य के माध्यम से जनजातीय कला एवं संस्कृति को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में लोकपरंपराओं के प्रति जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली।

Nagada Festival: बालिकाओं ने देश के युवाओं को जागरूक करने, जीवन में आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देने वाले गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति भी दी। उत्साह और ऊर्जा से भरपूर कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया। विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने बालिकाओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
Nagada Festival: लोककलाओं के संरक्षण और सांस्कृतिक एकता का संदेश
टमसार में आयोजित नगाड़ा उत्सव लोककलाओं, जनजातीय परंपराओं और भारतीय सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। उत्सव के माध्यम से दर्शकों को देश की समृद्ध लोक विरासत से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं और विद्यार्थियों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध हो रहा है।
Nagada Festival: उत्सव के दूसरे दिन की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और पीढ़ियों के बीच परंपराओं को जीवित रखने का सशक्त माध्यम भी है। आठ राज्यों की लोकसंस्कृति और कन्या शिक्षा परिसर कुसमी की बालिकाओं की प्रेरक प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया।
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