
Ajay Singh Says: 392 अधिकारी-कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने का दावा, 306 रुपये की एलईडी लाइट 11,800 रुपये में खरीदने का आरोप
Ajay Singh Says: मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रदेश के नगरीय निकायों, नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगरीय विकास विभाग में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सुनियोजित भ्रष्टाचार हुआ है, जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को उजागर करता है।
Ajay Singh Says: अजय सिंह ने नगरीय विकास मंत्री को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने या उनके द्वारा स्वयं इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय संरक्षण के बिना विभाग में इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता संभव नहीं है। उनके अनुसार, पूरे मामले की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
Ajay Singh Says: अजय सिंह ने दावा किया कि सरकारी आंकड़ों और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों के अनुसार, इस मामले में अब तक 392 अधिकारी-कर्मचारी लिप्त पाए गए हैं, जिनमें 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स से सरकारी खजाने में जमा होने वाली राशि का इस तरह दुरुपयोग होना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि 306 रुपये की एलईडी लाइट 11 हजार 800 रुपये में खरीदी गई, जबकि दो लाख रुपये के वाहन की कीमत छह लाख रुपये दर्शाई गई। उनके मुताबिक, ये मामले खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं।
Ajay Singh Says: पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के सैकड़ों नगरीय निकायों में एक साथ इस तरह की कथित अनियमितताएं बिना उच्च स्तरीय मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण आम जनता प्रभावित हो रही है, जबकि नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
Ajay Singh Says: अजय सिंह ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच माननीय उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए, ताकि कथित महाघोटाले की पूरी सच्चाई सामने आ सके और इसमें शामिल जिम्मेदार अधिकारियों तथा अन्य लोगों की जवाबदेही तय हो सके।
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