फ़्लैश न्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़

खरगे की टिप्पणी पर भोपाल में सियासी संग्राम, कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता; वाटर कैनन से रोकी भीड़

खरगे की टिप्पणी पर भोपाल में सियासी संग्राम, कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता; वाटर कैनन से रोकी भीड़

mpbn 20261026 8089f5

भोपाल। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। कई भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। वहीं, कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहले से मौजूद युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया, जिससे रेडक्रॉस अस्पताल के सामने शिवाजी नगर चौराहे पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किए हैं। इसी क्रम में भोपाल में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की और खरगे से अपने बयान पर जवाब देने की मांग उठाई।

रेडक्रॉस अस्पताल से कांग्रेस कार्यालय तक निकाला मार्च

भोपाल में प्रदर्शन के लिए भाजपा के बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रेडक्रॉस अस्पताल के सामने एकत्रित हुए। यहां से पैदल मार्च करते हुए सभी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, भोपाल की महापौर मालती राय सहित पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

कांग्रेस कार्यालय के नजदीक पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी और कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी।

बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन

प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रेडक्रॉस अस्पताल के सामने शिवाजी नगर चौराहे पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से तनाव बढ़ गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने और दोनों पक्षों के बीच टकराव रोकने के लिए मोर्चा संभाला। प्रदर्शन के कारण इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई।

गुलाब और लाठियां लेकर पहुंचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता

भाजपा के प्रदर्शन से पहले ही प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंच गए थे। उनके हाथों में गुलाब और लाठियां होने की बात सामने आई। भोपाल युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अंकित दुबे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी किसी न किसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर हंगामा करने की कोशिश करती है।

अंकित दुबे ने कहा कि यदि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से आएंगे, तो कांग्रेस की ओर से उन्हें गुलाब देकर स्वागत किया जाएगा। लेकिन, यदि किसी ने अराजकता फैलाने या माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया, तो उसका विरोध किया जाएगा। युवा कांग्रेस की इस चेतावनी के बाद कांग्रेस कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और अधिक महत्वपूर्ण हो गई।

रामेश्वर शर्मा ने खरगे की भाषा पर उठाए सवाल

प्रदर्शन में शामिल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले वरिष्ठ नेताओं को अपने पद की गरिमा और संसदीय परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।

शर्मा के मुताबिक, राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक मंचों से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में मर्यादा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए और कहा कि वरिष्ठ नेताओं से जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है।

पटना के कार्यक्रम में दिया था बयान

विवाद की शुरुआत रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक युवक ने कथित तौर पर कहा, ‘मोदी नहीं जाएगा।’ युवक के बार-बार ऐसा कहने पर खरगे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर झूठ बोलने की आदत होने का आरोप भी लगाया।

खरगे की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी करार दिया। इसके विरोध में पार्टी ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन शुरू किए। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव इसी राजनीतिक विरोध का हिस्सा रहा।

बयान से बढ़ा राजनीतिक टकराव

खरगे की टिप्पणी ने भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को एक नया मुद्दा दे दिया है। भाजपा जहां बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को घेर रही है, वहीं भोपाल में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा के प्रदर्शन का विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बयानबाजी और सड़क पर हुए प्रदर्शन ने प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

भोपाल में हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि राजनीतिक मतभेदों के बीच सार्वजनिक संवाद की मर्यादा और विरोध प्रदर्शनों की शांति कैसे कायम रखी जाए। फिलहाल, खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा का विरोध और कांग्रेस की प्रतिक्रिया राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बनी हुई है।

What's your reaction?

Related Posts

Epaper