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1 नवंबर से मंत्रालय में बदल जाएगी व्यवस्था, हाथ से बनने वाले एंट्री पास होंगे बंद

1 नवंबर से मंत्रालय में बदल जाएगी व्यवस्था, हाथ से बनने वाले एंट्री पास होंगे बंद

फेस रिकग्निशन सिस्टम से लगेगी अधिकारियों-कर्मचारियों की हाजिरी, तीनों भवनों में तैयारी तेज

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित राज्य मंत्रालय में 1 नवंबर से व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। अब मंत्रालय में बाहर से आने वाले लोगों को हाथ से लिखकर बनाए जाने वाले एंट्री पास नहीं मिलेंगे, बल्कि कंप्यूटराइज्ड पास जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही मंत्रालय के करीब डेढ़ हजार अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्रालय में प्रवेश और बाहर निकलते समय अपना चेहरा स्कैन कराकर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इससे कर्मचारियों के कार्यालय पहुंचने और वहां से जाने का समय भी रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा।

कंप्यूटर से जारी होंगे आगंतुकों के एंट्री पास

मंत्रालय में बाहरी आगंतुकों के प्रवेश की प्रक्रिया को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। अभी तक हाथ से बनाए जाने वाले पास की जगह अब कंप्यूटराइज्ड एंट्री पास जारी किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए आदेश जारी कर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी है। ये कर्मचारी मंत्रालय के सुरक्षा कार्यालय में बैठकर आगंतुकों के पास जारी करेंगे।

आधार आधारित फेस रिकग्निशन से लगेगी हाजिरी

मंत्रालय में आधार आधारित फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम लगाया जा रहा है। इसमें स्कैनर के माध्यम से कर्मचारी का चेहरा स्कैन होगा और आधार से जुड़े फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों का आधार नंबर उनके फेस अटेंडेंस प्रोफाइल से जोड़ा जाएगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय के तीनों भवनों में यह सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए एजेंसी का चयन कर जुलाई के अंतिम सप्ताह में कार्यादेश भी जारी किया गया था। जनवरी 2024 से इस व्यवस्था को लागू करने की कवायद चल रही है।

समय पर कार्यालय पहुंचने और जाने का बनेगा रिकॉर्ड

वर्तमान में कई विभागों में कर्मचारी रजिस्टर में हस्ताक्षर करके या थंब मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। लेकिन मैन्युअल व्यवस्था और खराब मशीनों के कारण वास्तविक उपस्थिति का सही रिकॉर्ड रखना चुनौती बना हुआ है। नई तकनीक लागू होने से इस समस्या पर नियंत्रण की उम्मीद है।

सभी जिलों में लागू करने की भी तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम लागू करने के साथ प्रदेश के सभी जिलों में भी इसे शुरू करने की योजना बनाने के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था से सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्रशासनिक कामकाज में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

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