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एक वोट के लिए 10 किमी पैदल चले चुनाव अधिकारी, राहुल गांधी पर जेपी नड्डा का तंज – बोले, हारने पर चुनाव आयोग को बताते हैं बेईमान

एक वोट के लिए 10 किमी पैदल चले चुनाव अधिकारी, राहुल गांधी पर जेपी नड्डा का तंज – बोले, हारने पर चुनाव आयोग को बताते हैं बेईमान

बरेली की रैली में कांग्रेस पर जमकर बरसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, आपातकाल और 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का उठाया मुद्दा

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बरेली। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने उत्तर प्रदेश के बरेली में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली में कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में गिर के जंगल और अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम इलाके में मतदान कराने पहुंचे चुनाव अधिकारियों के उदाहरण दिए। साथ ही कांग्रेस के इतिहास, आपातकाल और चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किए जाने के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा।

नड्डा ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बच्चों की एक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे परीक्षा में पास होने पर अपनी प्रतिभा का श्रेय लेते हैं, लेकिन फेल होने पर शिक्षक को बेईमान और विरोधी बताने लगते हैं। इसी तरह राहुल गांधी चुनाव जीतने पर अपनी सफलता का श्रेय लेते हैं और हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं।

एक वोट के लिए 10 किलोमीटर पैदल चले अधिकारी

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि वर्ष 2024 में गुजरात के गिर के जंगल में एक मतदाता के वोट के लिए चुनाव आयोग के 10 अधिकारी करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे थे। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के मालोगाम में 44 वर्षीय एक मतदाता के लिए दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर मतदान कराया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की सोच है कि मतदाता आयोग के पास नहीं आएगा, बल्कि आयोग स्वयं मतदाता के दरवाजे तक पहुंचेगा।

आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

नड्डा ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ अभियान पर सवाल उठाते हुए वर्ष 1975 के आपातकाल का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल में करीब 1.30 लाख लोगों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बात करने से पहले कांग्रेस को अपने इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।

90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का आरोप

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया, जिनमें से 50 बार इंदिरा गांधी के कार्यकाल में ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का अधिकार जनता के पास है और राजनीतिक दलों को चुनाव के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए।

इंडी गठबंधन के नेताओं पर भी साधा निशाना

नड्डा ने इंडी गठबंधन के कई नेताओं का नाम लेते हुए उन पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और कानूनी आरोपों का जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला सहित विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधा। इसके अलावा अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव को लेकर भी उन्होंने गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।

भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी दल चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, संविधान बचाओ’ अभियान के जवाब में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ आंदोलन को लोकतांत्रिक संस्थाओं के समर्थन का अभियान बताया।

बरेली की इस रैली में नड्डा ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि चुनावी हार-जीत का फैसला जनता करती है और राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखना चाहिए।

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