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उज्जैन के श्रीगंगा होटल में चार कर्मचारियों की मौत के बाद प्रशासन सख्त, होटल सील; शहरभर में शुरू हुई जांच

उज्जैन के श्रीगंगा होटल में चार कर्मचारियों की मौत के बाद प्रशासन सख्त, होटल सील; शहरभर में शुरू हुई जांच

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चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से हुई थी चार कर्मचारियों की मौत, अब होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को सफाई से पहले नगर निगम को देनी होगी सूचना

 

विंध्यभूमि / www.vindhyabhoomi.com / उज्जैन

 

उज्जैन। देवास रोड स्थित चर्चित श्रीगंगा होटल में चैंबर की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। जहरीली गैस की चपेट में आने से चार कर्मचारियों की मौत के बाद प्रशासन और नगर निगम हरकत में आ गए हैं। पुलिस ने हादसे के बाद होटल को सील कर दिया है, वहीं नगर निगम ने शहर के अन्य होटल और रेस्टोरेंट में सफाई व्यवस्था तथा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर जांच अभियान शुरू कर दिया है।

 

प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब होटल और रेस्टोरेंट संचालक नगर निगम को सूचना दिए बिना टैंक या चैंबर की सफाई नहीं करवा सकेंगे। निगम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सफाई कार्य से पहले संबंधित अधिकारियों को सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।

 

अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, होटलों में जांच

 

हादसे के बाद नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर होटल और रेस्टोरेंट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल और सहायक आयुक्त रविकांत मरगदे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में सफाई व्यवस्था, वेस्ट जनरेटर इकाइयों, टैंक और चैंबर की स्थिति के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा के इंतजामों की पड़ताल की गई। अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिए कि सफाई कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

अपना स्वीट्स और होटल आश्रय सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच

 

श्रीगंगा होटल में हुए हादसे के बाद नगर निगम की टीम ने अपना स्वीट्स, होटल आश्रय और फ्रीगंज क्षेत्र के अन्य चर्चित होटल एवं रेस्टोरेंट में निरीक्षण किया। इस दौरान वेस्ट जनरेटर इकाइयों की स्थिति, टैंकों की सफाई, चैंबर पर लगाए गए ढक्कनों और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों की जांच की गई।

 

निरीक्षण में जहां भी कमियां सामने आईं, उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। निगम अधिकारियों ने साफ किया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

महापौर ने दिए जांच और नोटिस जारी करने के निर्देश

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर मुकेश टटवाल ने रविवार को नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक जोन और वार्ड में विशेष टीमें भेजकर होटल एवं रेस्टोरेंट की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले संचालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

वहीं सफाई मित्रों से अपील की गई है कि वे नगर निगम को जानकारी दिए बिना और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों के अभाव में किसी भी टैंक या चैंबर में सफाई के लिए न उतरें। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर सफाई करवाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना जरूरी है।

 

क्या है पूरा मामला?

 

दरअसल, उज्जैन के देवास रोड स्थित श्रीगंगा होटल में चैंबर की सफाई के लिए उतरे चार कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे। दम घुटने के कारण चारों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। कर्मचारियों को बचाने के प्रयास में एक सब इंस्पेक्टर भी घायल हो गए थे।

 

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए होटल को सील कर दिया। अब इस दर्दनाक हादसे ने शहर के अन्य होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जांच अभियान जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित संचालकों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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