मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 8225 करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी, मऊगंज-मैहर समेत चार जिलों को मिलेगा लाभ
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3378 करोड़, वन संरक्षण और नदी पुनर्जीवन पर 2050 करोड़ से अधिक खर्च को हरी झंडी

भोपाल। मध्य प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने और विभिन्न विभागों की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सिंचाई, स्वास्थ्य, वन संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों के लिए कुल 8225 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृतियों का उल्लेख किया गया है। इन फैसलों में सिंचाई परियोजनाओं के लिए सबसे अधिक 3378 करोड़ 69 लाख रुपये की मंजूरी शामिल है।
कैबिनेट के निर्णयों का उद्देश्य प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने, सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को निरंतर संचालित करना है। इसके साथ ही नए जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3378 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर
राज्य सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 3378 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने और किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रदेश के कृषि आधारित क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था का विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, संबंधित परियोजनाओं के स्थान, निर्माण की समय-सीमा और लाभार्थी क्षेत्रों का विस्तृत विवरण अलग से सामने आने पर ही उनकी स्थिति स्पष्ट होगी।
वन संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन पर जोर
पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन से संबंधित कार्यों के लिए 2050 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। इस राशि के तहत वन संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है। वन क्षेत्र का संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और नदियों को पुनर्जीवित करने के प्रयास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।
मऊगंज और मैहर सहित चार जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
कैबिनेट ने निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के गठन के लिए 16 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इन कार्यालयों के संचालन के लिए प्रत्येक जिले में 17 नियमित पदों सहित कुल 68 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा चारों जिलों में कार्यालयीन कार्यों के लिए कुल 32 कर्मचारियों की सेवाएं आउटसोर्सिंग के माध्यम से लेने का प्रावधान किया गया है।
नए कार्यालय स्थापित होने से जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों, विभागीय समन्वय और शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी में सुविधा मिलने की संभावना है। खासकर मऊगंज और मैहर जैसे नए जिलों में विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के लिए 345 करोड़ रुपये से अधिक
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 345 करोड़ 52 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें स्थापना संबंधी खर्च, कर्मचारियों के वेतन-भत्ते और कार्यालय संचालन के लिए 327 करोड़ 52 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त ईओडब्ल्यू के प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये और विभागीय संपत्तियों के रखरखाव के लिए सात करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, विधि एवं विधायी कार्य विभाग की संपत्तियों के रखरखाव के लिए आगामी पांच वर्षों की अवधि में 40 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी सहायता
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश राज्य सामान्य वर्ग कल्याण आयोग के लिए छह करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा कलापथक योजना के लिए 45 करोड़ रुपये, निर्देशन एवं प्रशासन के लिए 430 करोड़ चार लाख रुपये तथा समग्र सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए नौ करोड़ 21 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन निर्णयों के माध्यम से संबंधित विभागों की गतिविधियों और योजनाओं को जारी रखने के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है।
चमकविहीन गेहूं की बिक्री को मिली औपचारिक मंजूरी
बैठक में रबी विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान चमकविहीन गेहूं की बिक्री से जुड़े पुराने मामले पर भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन को बिक्री प्रक्रिया के लिए अधिकृत किए जाने की कार्रवाई को औपचारिक मंजूरी दी।
इसके तहत सात लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं की बिक्री के लिए शुरू की गई निविदा प्रक्रिया तथा निविदा के माध्यम से कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें दो लाख और 3.8 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री शामिल है।
कैबिनेट के इन फैसलों में विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। अब इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और निर्धारित राशि के प्रभावी उपयोग पर निर्भर करेगा।














































