
जबलपुर:- तिलवारा थाना क्षेत्र में करीब 10 लाख रुपये की चोरी के मामले की जांच के दौरान जबलपुर पुलिस ने कथित चोरी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन करने वाले आरोपी पप्पू मल्लाह उर्फ चकमा को भोपाल से गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ उसकी पत्नी दीक्षा सहित तीन अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा गया है। पुलिस अब आरोपी से जुड़े पुराने मामलों और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने भोपाल में किराए का मकान लेकर युवाओं और नाबालिगों को चोरी की वारदातों के लिए तैयार करने का कथित नेटवर्क बना रखा था। यहां उन्हें सूने मकानों की पहचान, रैकी और वारदात को अंजाम देने से जुड़ी बातें बताई जाती थीं। पुलिस का दावा है कि आरोपी स्वयं प्रत्येक वारदात में शामिल नहीं होता था, बल्कि जानकारी जुटाने के बाद अपने नेटवर्क के सदस्यों को चोरी के लिए भेजता था।
तीन-चार घंटे चलती थी कथित ट्रेनिंग
जांच में पुलिस के सामने आया कि किराए के मकान में कथित तौर पर रोजाना कई घंटे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता था। पुलिस के अनुसार इसमें सूने मकानों की पहचान करने, रैकी करने और चोरी के दौरान सतर्कता बरतने जैसी बातें शामिल थीं। पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों को सीसीटीवी और पुलिस की निगरानी से बचने तथा वारदात के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी जाती थी।
पुलिस के मुताबिक नेटवर्क में वारदात के लिए रात का समय चुना जाता था। तिलवारा क्षेत्र में हुई चोरी की घटना की जांच के दौरान पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद जांच का दायरा जबलपुर से भोपाल तक पहुंचा।
पत्नी पर भी रैकी में शामिल होने का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी की पत्नी दीक्षा भी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाती थी। आरोप है कि वह दिन और शाम के समय अलग-अलग कॉलोनियों में घूमकर बंद मकानों की जानकारी जुटाती थी। इसके बाद दोबारा मौके की स्थिति की पुष्टि करने के बाद कथित तौर पर चोरी की योजना बनाई जाती थी।
तिलवारा थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा के अनुसार पप्पू मल्लाह पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदलता रहता था। पुलिस का दावा है कि उसके खिलाफ मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी चोरी से जुड़े मामले दर्ज हैं।
70 से अधिक मामलों की जानकारी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। जांच में 70 से अधिक प्रकरणों से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद पुलिस अलग-अलग जिलों में हुई चोरी की घटनाओं से आरोपी के नेटवर्क का संबंध तलाश रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी का सामान किन लोगों के माध्यम से ठिकाने लगाया जाता था।
पुलिस के पहुंचने से पहले कथित तौर पर कुछ युवक और नाबालिग वहां से निकल गए थे। अब पुलिस उनकी पहचान और नेटवर्क में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।








































