तमिलनाडुराष्ट्रीय

तमिलनाडु में विजय की टिप्पणियों पर DMK का प्रदर्शन, राज्यभर में कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

तमिलनाडु में विजय की टिप्पणियों के विरोध में DMK का प्रदर्शन

तमिलनाडु। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की एम. करुणानिधि और एम. के. स्टालिन को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के विरोध में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने शनिवार को तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने विधानसभा में विजय की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी पर निशाना साधा।

चेन्नई में प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ नेता पी. के. शेखर बाबू ने किया। उन्होंने एम. के. स्टालिन के राजनीतिक योगदान और व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें विधानसभा में निशाना बनाया गया। बाबू ने आरोप लगाया कि विजय का विधानसभा भाषण राजनीतिक आरोपों तक सीमित रहा और विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

DMK ने भ्रष्टाचार के आरोपों को बताया निराधार

DMK नेताओं ने विजय द्वारा पूर्ववर्ती DMK सरकारों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया। शेखर बाबू ने आरोप लगाया कि विधानसभा में करीब एक घंटे तक फिल्मी अंदाज में संवाद किए गए, जबकि विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को आरोपों का जवाब देने की अनुमति नहीं दी गई।

DMK ने कहा कि मुख्यमंत्री का सात सितंबर का विधानसभा भाषण पार्टी, पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि, दिवंगत केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन और एम. के. स्टालिन के राजनीतिक योगदान को कमतर दिखाने वाला था।

सरकारिया आयोग और ईडी के दस्तावेजों का भी जिक्र

विधानसभा में विजय ने करुणानिधि के नेतृत्व वाली पुरानी DMK सरकार पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया था। उन्होंने मुरासोली मारन का भी उल्लेख किया।

विजय ने 2021-26 के DMK शासनकाल में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार के साथ साझा किए गए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दस्तावेजों का हवाला देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन का नाम लिया था।

स्टालिन की आपातकालीन हिरासत को लेकर भी विवाद

कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार के उस बयान पर भी DMK ने आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने आपातकाल के दौरान स्टालिन की हिरासत से जुड़े रिकॉर्ड पर सवाल उठाए थे।

कुमार के अनुसार, ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है जिससे यह साबित हो कि स्टालिन को आपातकाल के दौरान मीसा के तहत हिरासत में लिया गया था। मंत्री ने कहा था कि स्टालिन को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके 20-सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर की गई टिप्पणियों के बाद गिरफ्तार किया गया था।

अनबिल महेश और ए. राजा ने भी साधा निशाना

तिरुचिरापल्ली में पूर्व DMK मंत्री अनबिल महेश ने विजय के भाषण और हावभाव पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए।

वहीं, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेता ए. राजा ने स्टालिन की मीसा के तहत हिरासत को लेकर कानून मंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी उनके नेता की ईमानदारी पर सवाल उठाने जैसी है। राजा ने मंत्री को मामले में कार्रवाई करने की चुनौती भी दी।

TVK ने DMK के प्रदर्शन पर किया पलटवार

DMK के राज्यव्यापी प्रदर्शन पर तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने भी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने DMK नेताओं पर बदले की भावना से और बिना गरिमा के बयान देने का आरोप लगाया।

TVK ने एक बयान में कहा कि DMK पदाधिकारियों ने पार्टी संस्थापक सी. एन. अन्नादुरई के कर्तव्य, गरिमा और अनुशासन से जुड़े सिद्धांतों को भुला दिया है।

तमिलनाडु में अगले महीने दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में DMK और TVK के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी को आगामी चुनावी मुकाबले के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

What's your reaction?

Related Posts

Epaper