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मनगवां कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच तेज, परीक्षा में नकल के नाम पर कथित वसूली से लेकर PhonePe भुगतान तक की होगी पड़ताल, 

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विंध्यभूमि,मनगवां:- शासकीय नवीन महाविद्यालय मनगवां में कथित अनियमितताओं और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को लेकर अब जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। मनगवां विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति द्वारा उच्च शिक्षा विभाग भोपाल, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा रीवा संभाग और जिला प्रशासन को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने के बाद जांच टीम के महाविद्यालय पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि जांच दल में रीवा के नवीन विज्ञान महाविद्यालय, संस्कृत महाविद्यालय तथा अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय से जुड़े अधिकारी शामिल रहेंगे। टीम शिकायतों और सामने आए आरोपों के आधार पर दस्तावेजों, परीक्षा व्यवस्था और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करेगी

नकल के नाम पर कथित लेन-देन की होगी जांच

मामले का प्रमुख बिंदु परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों से कथित तौर पर नकल कराने के नाम पर राशि लिए जाने के आरोप हैं। पूर्व में इस संबंध में वीडियो, PhonePe स्कैनर और नगद लेन-देन से जुड़े दावे सामने आने की बात कही गई थी

शिकायतों में असाइनमेंट, परीक्षा में कथित नकल की सुविधा तथा बाहर परीक्षा ड्यूटी पर जाने वाले विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं लिखने के नाम पर राशि वसूले जाने जैसे आरोप लगाए गए हैं

 

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

शुल्क और सरकारी धन का हिसाब भी खंगाला जाएगा

जांच का दायरा केवल परीक्षा संबंधी शिकायतों तक सीमित नहीं रहने की बात कही जा रही है। महाविद्यालय में विद्यार्थियों से लिए जाने वाले विभिन्न शुल्क, शासन से प्राप्त अनुदान और अन्य शासकीय मदों में उपलब्ध कराई गई राशि के उपयोग की भी जांच प्रस्तावित है

जांच टीम द्वारा आय-व्यय का विवरण, भुगतान संबंधी दस्तावेज, बैंक लेन-देन, ऑडिट रिपोर्ट तथा शासकीय राशि के उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है इससे वित्तीय प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं, इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

 

शैक्षणिक व्यवस्था पर भी उठे सवाल

 

महाविद्यालय की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर भी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है विद्यार्थियों की ओर से पठन-पाठन, परीक्षा व्यवस्था और छात्र हित से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ खेल, कला, संस्कृति और अन्य छात्र हितैषी गतिविधियों का लाभ मिलना चाहिए

 

विधायक के पत्राचार के बाद बढ़ी सक्रियता

 

विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है उनका कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े संस्थान में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जानी चाहिए

अब जांच टीम की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय अथवा कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है वहीं आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर वास्तविक तथ्य भी सामने आएंगे फिलहाल जांच शुरू होने के बाद महाविद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा तेज है

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