
विंध्यभूमि.रीवा.सिरमौर.सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में विकास के बीच बनी तहसील कार्यालय भवन की तस्वीरें सरकारी सहयोगियों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल कर रही हैं। जिस भवन में कलाकार, कार्यपालिक संगीतकार और कलाकार जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल होते हैं, आम जनता के मामले सामने आते हैं, उसी भवन की हालत इन दिनों बेहद खराब बताई जा रही है।
बारिश के दौरान तहसील कार्यालय की छत से पानी टपक रहा है और कार्यालय परिसर के अंदर तक पानी पहुंच की स्थिति बन रही है। इतना ही नहीं, छत का कुछ हिस्सा टूटकर नीचे गिरा हुआ है। भवन की स्थिर स्थिति को देखते हुए कर्मचारी और कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए जाते हैं।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय स्तर पर इस चिंता की बात कही जा रही है कि अगर समय रहते भवन का कब्जा नहीं उठाया गया तो छत का कोई और हिस्सा अचानक गिर सकता है। ऐसे में कार्यालय में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी या किसी भी काम से क्षेत्र के नागरिक इसकी जांच में आ सकते हैं।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे प्रश्न
तहसील भवन की छात्रावास स्थिति में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और व्याख्यान को लेकर भी प्रश्न पूछें नीचे दिए गए हैं। ऐसा क्या कारण है कि कुछ ही समय में भंडारी कार्यालय की छत पर यह समस्या पहुँच गई? भवन का समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण क्या किया गया? यदि किया गया तो आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए—ये प्रश्न अब चर्चा का विषय बने हैं।
तीन बार के नेताओं के क्षेत्र में सोलोमन व्यवस्था पर प्रश्न
सिरमौर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व तीन बार के विधायक महाराजा दिव्यराज सिंह कर रहे हैं। वहीं प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। ऐसे क्षेत्र के एक प्रमुख सचिवालय कार्यालय की ऐसी स्थिति में स्थानीय स्तर पर विकास और सांस्कृतिक ढांचे को लेकर प्रश्न उठता है।
सरकार और प्रशासन द्वारा विकास और बेहतर सरकारी परिसंपत्तियों के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन बनी तहसील कार्यालय की पक्की स्थिति उन अध्येताओं की मंजिल पर सवालिया निशान लगा रही है।
प्रशासन से कार्यालय निरीक्षण और सामान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल तहसील भवन का तकनीकी निरीक्षण करना चाहिए। भवन की सुरक्षा स्थिति की जानकारी यदि आवश्यक हो तो भवन के हिस्सों की सीलिंग या वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता हो, ताकि अधिकारी-कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अब देखिए यह होगा कि प्रशासन इस जर्जर भवन की स्थिति को चयन से कब तक लेगा तब तक आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाएगी और जिम्मेदार विभाग द्वारा भवन की समीक्षा और पैनल की जांच कब की जाएगी।






















