भोपालमध्य प्रदेश

उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की पदयात्रा, बोले- आस्था के धन के कथित दुरुपयोग पर उठाएंगे आवाज

उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की पदयात्रा

भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आगामी विजयादशमी से ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। प्रस्तावित यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी। सिंह ने इसे पूरी तरह गैर-राजनीतिक यात्रा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य धर्म और आस्था से जुड़े विषयों पर जनजागरण करना है।
दिग्विजय सिंह के मुताबिक यात्रा की शुरुआत उज्जैन स्थित शिवधाम से होगी और इसका समापन अयोध्या के रामधाम में होगा। उन्होंने कहा कि विजयादशमी धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है और इसी भावना के साथ यात्रा शुरू की जा रही है। यात्रा का ध्येय वाक्य ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ रखा गया है।

चंदे और चढ़ावे के इस्तेमाल पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों और राम मंदिर से जुड़े चंदे एवं चढ़ावे की राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था से प्राप्त धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के कथित दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जा सकता
उन्होंने दावा किया कि चंदे और चढ़ावे की राशि के कथित दुरुपयोग तथा उससे निजी संपत्तियां एवं वाहन खरीदे जाने जैसे आरोप सामने आए हैं दिग्विजय सिंह ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर वे लोगों के बीच जाएंगे और पारदर्शिता की मांग उठाएंगे।

राजनीतिक दलों से अलग रखने का दावा

दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन अथवा विरोध में नहीं होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग यात्रा के उद्देश्यों से सहमत हैं, वे इसमें शामिल हो सकते हैं
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के शुरुआती दौर को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1988-89 में विश्व हिंदू परिषद के राम शिला पूजन अभियान के दौरान वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने भी इसमें सहभागिता की थी और अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया था

ऑनलाइन फॉर्म से जुड़ सकेंगे लोग

यात्रा में शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए ऑनलाइन गूगल फॉर्म उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है सिंह ने कहा कि ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का उद्देश्य सत्य, श्रद्धा और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के साथ धार्मिक आस्था से जुड़े आर्थिक मामलों में पारदर्शिता को लेकर लोगों को जागरूक करना है
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों सनातनियों की आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक हैं, इसलिए धार्मिक आस्था से जुड़े किसी भी कथित आर्थिक दुरुपयोग के मुद्दे पर आवाज उठाना आवश्यक है

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