
विंध्यभूमि सीधी,मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत शनिवार को जनपद पंचायत सिहावल के सभागार में जिलास्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रीवा संभाग के कमिश्नर श्री शीलेन्द्र सिंह ने आमजन से सीधे संवाद करते हुए शासन की योजनाओं, सेवाओं और शिकायतों के निराकरण की जमीनी स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज चिन्हित 22 शिकायतकर्ताओं से स्वयं संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों से शिकायतों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती मंजू सिंह तथा कलेक्टर श्री विकास मिश्रा भी उपस्थित रहे।
कमिश्नर ने शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर यह जाना कि उनकी समस्या के समाधान के लिए अब तक क्या कार्यवाही की गई है और उन्हें वास्तविक रूप से राहत मिली है अथवा नहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का संतोषजनक एवं वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।

शिविर में प्रस्तुत एवं समीक्षा किए गए भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर कमिश्नर श्री सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने एक प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर तहसीलदार सिहावल के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के निर्देश दिए। वहीं भू-अर्जन से संबंधित एक अन्य प्रकरण में अपेक्षित कार्यवाही नहीं किए जाने पर नायब तहसीलदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि भू-अर्जन एवं राजस्व से जुड़े प्रकरण सीधे आमजन के अधिकारों और हितों से संबंधित होते हैं। इसलिए इनमें अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिक मूल्य पर यूरिया विक्रय की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
शिविर के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया विक्रय किए जाने की शिकायत सामने आने पर कमिश्नर ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को तत्काल जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में दोनों विभागों के अधिकारियों द्वारा गुप्ता खाद-बीज भंडार की तत्काल जांच की गई। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया। प्रकरण में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए उप संचालक कृषि के समक्ष प्रस्ताव भी प्रस्तुत कर दिया गया है।

कमिश्नर ने निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराया जाए। अधिक मूल्य वसूली अथवा उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कृषि एवं सहकारिता विभाग को उर्वरक की उपलब्धता, वितरण और विक्रय दरों की सतत निगरानी के निर्देश दिए।
अन्य आवेदनों पर भी सुनवाई, निराकरण के निर्देश
शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदनों और शिकायतों की भी सुनवाई की गई। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाना तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों और आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा की जाए।

विभागवार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
कमिश्नर श्री सिंह ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की प्रगति, पात्र हितग्राहियों को मिल रहे लाभ तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को शासकीय योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर पात्र हितग्राहियों की पहचान, आवेदन और हितलाभ वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।
हितग्राहियों को वितरित किए स्वीकृति पत्र
शिविर के दौरान पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन के स्वीकृति पत्र तथा संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह सहायता के स्वीकृत पत्र हितग्राहियों को प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के जिलास्तरीय शिविर में प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों की सीधी सुनवाई, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए।
इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी श्रीमती प्रीती अहिरवार, उपखंड अधिकारी सिहावल श्री राकेश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।










































