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कुसमी एसडीएम के आकस्मिक निरीक्षण में खुली 50 सीटर बालक छात्रावास की व्यवस्थाओं की पोल, अधीक्षक को फटकार; दो माह से खराब मिला आरओ, खाद्यान्न की उपलब्धता भी कम

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विंध्यभूमि,कुसमी/सीधी। सीधी जिले के कुसमी जनपद क्षेत्र अंतर्गत भदौरा स्थित 50 सीटर बालक छात्रावास की व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सागर दिलीप जैन ने जनसमस्या निवारण शिविर के बाद छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और खाद्यान्न उपलब्धता में कमियां सामने आने पर एसडीएम ने छात्रावास अधीक्षक कमलेश पाण्डेय को फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।

 

जानकारी के अनुसार, भदौरा ग्राम पंचायत भवन में आयोजित जनसुनवाई एवं जनसमस्या निवारण शिविर में एसडीएम सागर दिलीप जैन एवं तहसीलदार नारायण सिंह पहुंचे थे। शिविर के दौरान ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं से संबंधित कुल 21 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कुछ आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

 

जनसुनवाई के बाद अचानक पहुंचे छात्रावास

जनसमस्या निवारण शिविर समाप्त होने के बाद एसडीएम सागर दिलीप जैन ने अचानक भदौरा स्थित 50 सीटर बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। वहीं बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाया गया आरओ पिछले करीब दो माह से खराब बताया गया।

 

इतने लंबे समय से आरओ खराब होने के बावजूद उसकी मरम्मत नहीं कराए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी इस लापरवाही को लेकर एसडीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधीक्षक को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

 

50 छात्रों के लिए खाद्यान्न भी मिला कम

 

निरीक्षण के दौरान छात्रावास में लगभग 50 छात्रों के अनुपात में खाद्यान्न की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं पाई गई। जानकारी के अनुसार, मौके पर करीब 2 किलो दाल, 20 किलो चावल और लगभग 30 किलो गेहूं उपलब्ध पाया गया। खाद्यान्न की इतनी कम मात्रा को लेकर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए छात्रावास अधीक्षक से जवाब मांगा।

 

मामले में एक और गंभीर सवाल यह भी उठ रहा है कि छात्रावासों के लिए उचित मूल्य दुकान के माध्यम से गेहूं और चावल की व्यवस्था की जाती है। इसके बावजूद यदि निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं पाया गया, तो यह जांच का विषय है कि छात्रावास के लिए आवंटित खाद्यान्न नियमित रूप से प्राप्त हुआ या नहीं, और प्राप्त खाद्यान्न का उपयोग एवं वितरण किस प्रकार किया गया।

 

यदि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाती है तो छात्रावास की व्यवस्थाओं से जुड़ी अन्य गंभीर लापरवाहियां भी सामने आ सकती हैं।

 

सिर्फ भोजन और सफाई नहीं, शिक्षा व्यवस्था की भी हो जांच

 

जनसमस्या निवारण शिविर एवं छात्रावास निरीक्षण के दौरान सरपंच मानवती पनाड़ियां, समाजसेवी के.के. सिंह बघेल, रमेश पहाड़िया, हल्का पटवारी, पंचायत सचिव, जीआरएस सहित अन्य ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

एसडीएम द्वारा छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किए जाने के बाद क्षेत्र के बुद्धिजीवियों एवं अभिभावकों में खुशी देखी जा रही है। लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की है कि क्षेत्र के अन्य छात्रावासों का भी नियमित और आकस्मिक निरीक्षण किया जाए।

 

क्षेत्रवासियों का कहना है कि निरीक्षण केवल भोजन, खाद्यान्न और साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। छात्रावासों में रह रहे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था, नियमित अध्ययन, पाठ्यक्रम की तैयारी और शैक्षणिक स्तर की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

 

लोगों का कहना है कि यह भी देखा जाना आवश्यक है कि छात्र जिस कक्षा में अध्ययनरत है, उसे उस कक्षा के अनुरूप आवश्यक शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त हो रहा है या नहीं।

 

अब अन्य छात्रावासों पर भी रहेगी नजर

 

भदौरा के 50 सीटर बालक छात्रावास में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में केवल सुधार के निर्देश तक सीमित रहता है या फिर खाद्यान्न, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाती है।

 

साथ ही क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या कुसमी क्षेत्र के अन्य छात्रावासों का भी इसी तरह औचक निरीक्षण कर वहां रहने वाले बच्चों को मिल रही सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी।

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