
विंध्यभूमि,भोपाल।अम्बुज तिवारी: पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने और विश्वविद्यालय से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस निर्णय को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताते हुए कहा कि केवल नाम बदल देने से इतिहास के पन्नों और जनता के दिलों से राजीव गांधी के योगदान को मिटाया नहीं जा सकता।
अजय सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने का निर्णय लिया है, ताकि देश के महान नेता का नाम इस प्रतिष्ठित संस्थान से हटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत के आधुनिक विकास में राजीव गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कंप्यूटर, सूचना प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में उनके प्रयासों ने देश को नई दिशा दी। राजीव गांधी के कार्यकाल में तकनीकी शिक्षा और कंप्यूटर के विस्तार को बढ़ावा मिला, जिसका प्रभाव आज भारत के आईटी क्षेत्र की वैश्विक पहचान में भी दिखाई देता है।
अजय सिंह ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राजीव गांधी का योगदान देश के लिए अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि देश उन्हें उनके आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान के लिए हमेशा याद रखेगा।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनहित से जुड़े वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नाम बदलने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि संस्थानों के नाम बदलने से किसी नेता का इतिहास और देश के विकास में उसका योगदान समाप्त नहीं किया जा सकता।











































