न सड़क, न बिजली, पानी के लिए कुएं का सहारा
बारिश में कीचड़ के बीच स्कूल पहुंच रहे बच्चे

सीधी: ए पी शर्मा :आजादी के 80 वर्ष बीत जाने के बाद भी जिले के ग्रामीण अंचलों में विकास की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है। छूहिया ग्राम पंचायत के कुड़वा टोला में निवासरत सैकड़ों ग्रामीण आज भी सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में पूरा क्षेत्र कीचड़ से घिर जाता है और ग्रामीणों का आवागमन लगभग ठप हो जाता है। हालात यह हैं कि स्कूली बच्चों को भी कीचड़ और खराब रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ रहा है।
जबकि यह गांव जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
ग्रामीणों के अनुसार कुड़वा टोला में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और लोगों को पानी के लिए कुएं पर निर्भर रहना पड़ता है। सड़क नहीं होने का सबसे अधिक असर बीमार, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए करीब दो किलोमीटर तक पैदल ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही वाहन की सुविधा मिल पाती है। बारिश के मौसम में यह दूरी और परेशानी दोनों ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है।
वृद्ध को डोली में ले जाने का वीडियो वायरल, खुली व्यवस्था की पोल
गुरुवार को एक वृद्ध व्यक्ति को उपचार के लिए डोली के सहारे ले जाने का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद चर्चा में आ गया। वीडियो ने गांव की बदहाल सड़क और ग्रामीणों की मजबूरी को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सड़क के अभाव में बीमार और बुजुर्गों को इसी तरह कंधे या डोली के सहारे मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है।
गर्भवती महिलाओं को प्रसव की चिंता
सबसे गंभीर स्थिति गर्भवती महिलाओं को लेकर बनी हुई है। बारिश के दिनों में रास्ता खराब होने के कारण समय पर अस्पताल पहुंचना चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों को आशंका रहती है कि प्रसव पीड़ा शुरू होने की स्थिति में महिला को समय पर वाहन और अस्पताल की सुविधा कैसे मिल पाएगी। ग्रामीणों ने कई बार सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। वर्तमान में इस गांव की आधा दर्जन महिलाओं गर्भवती है जिन्हें सड़क की चिंता ने बेचैन कर दिया है।
जिला पंचायत सदस्य ने लगाया विकास की अनदेखी का आरोप
जिला पंचायत के विजयपुर वार्ड से सदस्य चंद्रवती साकेत ने क्षेत्र की बदहाली को लेकर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल एवं विधायक रीति पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीणों को सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है तो विकास के दावों की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा है कि अब इस बार के चुनाव में यहां की हम जनप्रतिनिधियों को वोट नहीं देगी
ग्रामीणों ने उठाई प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि छूहिया कुड़वा टोला की स्थिति का स्थल निरीक्षण कर तत्काल सड़क निर्माण, बिजली एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के मौसम में गांव के सैकड़ों लोगों को आवागमन और उपचार के लिए इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े.










































