सिंगरौली

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गढ़वा क्षेत्र में अवैध शराब की शिकायतें, कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

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सिंगरौली। गढ़वा थाना क्षेत्र के कई गांवों में अवैध महुआ शराब के निर्माण और बिक्री की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार खटाई, शिवपुरवा, मिसिरगवा, देवरा, लमसरई, बगदरा और नौडिहवा सहित आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर महुआ से कच्ची शराब तैयार कर बिक्री किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गतिविधि के कारण गांवों में शराब की उपलब्धता आसानी से हो रही है और इसका असर सार्वजनिक जीवन पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के आरोपों के मुताबिक कुछ स्थानों पर लंबे समय से शराब बनाने और बेचने का काम चल रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जरूरी है कि पुलिस और आबकारी विभाग मौके पर जांच कर यह स्पष्ट करे कि किन स्थानों पर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री हो रही है और इसमें कौन लोग शामिल हैं।

कार्रवाई की स्थिति पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई होती रही है, लेकिन वर्तमान में क्षेत्र में व्यापक अभियान दिखाई नहीं दे रहा है। उनका सवाल है कि यदि अलग-अलग गांवों से अवैध शराब की शिकायतें मिल रही हैं तो पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जांच क्यों नहीं की जा रही है।
थाना क्षेत्र के आसपास भी कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री की चर्चा होने की बात ग्रामीणों ने कही है। इस संबंध में भी मौके पर जांच होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कच्ची शराब की गुणवत्ता भी चिंता का विषय
स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाली कच्ची शराब की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं, यह भी जांच का विषय है। मिलावटी अथवा जहरीली शराब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। हालांकि गढ़वा क्षेत्र में किसी मौत या स्वास्थ्य संबंधी घटना को अवैध शराब से सीधे जोड़ने की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

जांच से ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति

ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से गढ़वा थाना क्षेत्र के संबंधित गांवों में विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि संदिग्ध स्थानों की जांच, शराब बनाने में इस्तेमाल सामग्री की जब्ती और अवैध बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह है कि ग्रामीणों द्वारा बताई जा रही शिकायतों पर संबंधित विभाग मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी होगी, वहीं शिकायतें निराधार मिलने पर इसकी स्थिति भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जानी चाहिए।

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